उत्तर भारत में लगातार खराब हो रहे मौसम के बीच तेज बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचाया है ,नतीजा है कि किसानों के बीच त्राहिमाम मचा हुआ है। किसान नेता ने रविवार को बताया कि किसान 2004 से लगातार मौसम की मार झेलते झेलते आज बहुत ही खराब स्थिति में पहुंच गया है। वर्ष 2004 के बाद यदि 2007 और 2011 को छोड़ दें तो यहां का किसान किसी मौसम में दोनों मुख्य फसल चक्र (रबी और खरीफ) की फसल नहीं ले पाया है। अब तो हालात इतने खराब हैं कि फसल जिस भी चक्र के समय पककर खेत में खड़ी होती है उसी समय मौसम बिगड़ने से हालात ऐसे हो जाते हैं कि फसल पूरी तरह से चौपट हो जाती है।
फसल के लिए बीज खरीद से लेकर फसल तैयार होने तक किसान पूरी मेहनत करता है लेकिन मौसम की मार के चलते खेत में खड़ी या कटकर पड़ी फसल पूरी तरह से बरबाद हो रही है। ऐसे में गरीब किसान लगातार गरीबी के कुचक्र में फंसता जा रहा है। खेती के लिए लिया लोन फसल बरबादी के कारण उतार नहीं पाता है इसलिए यहां किसानों की आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रहीं हैं।
उत्तर भारत में लगातार खराब हो रहे मौसम के बीच झांसी में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचाया है ,नतीजा है कि किसानों के बीच त्राहिमाम मचा हुआ है
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