भाजपा ने विधान परिषद सदस्य और पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार साकेत मिश्र को श्रावस्ती सीट से लोकसभा प्रत्याशी बनाया है। इसके बाद प्रत्याशी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। राम जन्मभूमि निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र (पूर्व में प्रधान सचिव प्रधानमंत्री) के बेटे साकेत मिश्र बीते पांच सालों से श्रावस्ती क्षेत्र में सक्रिय हैं। भाजपा ने उनको टिकट देकर मंडल के चारो संसदीय सीटों के लिए समीकरण साधने का संकेत भी दिया है।
देवरिया जिले के मूल निवासी साकेत मिश्र का ननिहाल श्रावस्ती में हैं। उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफेन्स कॉलेज से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की। उसके बाद उन्होंने भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) कोलकाता से मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की। इसके बाद साकेत मिश्रा ने भी सिविल सेवा की परीक्षा दी और 1994 में आईपीएम बने। लेकिन फाइनेंस सेक्टर में गहन रुचि होने के कारण बाद में उन्होंने इस्तीफा देकर फिर से फाइनेंस सेक्टर में लौटने का इरादा किया।
उन्होंने जर्मनी के ड्यूस बैंक में नौकरी शुरू की। 16 साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई इंटरनेशनल बैंकों में काम किया। इसके बाद उनका रुझान समाज सेवा की तरफ हो गया। वर्ष 2019 में वे श्रावस्ती पहुंचे और लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी। लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने 100 से अधिक सभाएं की और माहौल बनाया। लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला, इसके बाद योगी सरकार ने उन्हें एमएलसी बनाया और पूर्वांचल विकास बोर्ड का सलाहकार बना दिया। लेकिन वह क्षेत्र में सक्रिय रहे और क्षेत्र में लोगों के बीच बने रहे। बलरामपुर में मुख्यमंत्री जब- जब आए तो वह साथ ही रहे।
भाजपा ने विधान परिषद सदस्य और पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार साकेत मिश्र को श्रावस्ती सीट से लोकसभा प्रत्याशी बनाया है। इसके बाद प्रत्याशी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। राम जन्मभूमि निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र (पूर्व में प्रधान सचिव प्रधानमंत्री) के बेटे साकेत मिश्र बीते पांच सालों से श्रावस्ती क्षेत्र में सक्रिय हैं। भाजपा ने उनको टिकट देकर मंडल के चारो संसदीय सीटों के लिए समीकरण साधने का संकेत भी दिया है।
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