भारत अब हथियारों के निर्यातक देशों में शामिल हो गया है। हम अब आर्मेनिया को 'मेक इन इंडिया' एयर डिफेंस सिस्टम भेजने वाले है। हवाई हमले रोकने वाले इस सिस्टम में तोप, गोला-बारूद और ड्रोन शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि यह करीब 6 हजार करोड़ रुपये का सौदा है और जल्द ही हथियार भेजने का काम शुरू हो जाएगा। ये हथियार आकाश नाम के हैं और इन्हें भारत की अपनी कंपनी भारत डायनामिक्स लिमिटेड बनाती है। भारतीय सेना पहले से ही इनका इस्तेमाल कर रही है। वियतनाम और फिलीपींस को भी ये हथियार बेचे जाने का प्रस्ताव हैं|
मेक इन इंडिया को मिल रहा हैं जबरदस्त बूस्ट
पिछले साल अप्रैल में भारत ने बताया था कि उसे हवाई हमले रोकने वाला एक सिस्टम का ऑर्डर मिला है। मार्च में भारतीय सेना ने 8 हजार करोड़ रुपये में यह सिस्टम मंगवाया था। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने इसे बनाया है और ये पहले के सिस्टम से छोटा है, चारों तरफ से हमला रोक सकता है और इसमें ज्यादा आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। इसमें 82% सामान भारत में ही बनाया गया है और प्रॉजेक्ट का 60% खर्च छोटे-बड़े कारखानों को दिया गया है। पिछले साल नवंबर में कल्याणी स्ट्रैटिजिक सिस्टम्स ने बताया था कि उसने एक देश से तोपों का 15.5 करोड़ डॉलर की डील की है और ये तोपें भी आर्मेनिया को ही भेजी जाएंगी।
10 गुना हो गया रक्षा निर्यात
भारत ने बीते वित्त वर्ष 2022-23 में 16,000 करोड़ रुपये मूल्य का रक्षा निर्यात किया है जो अब तक का उच्चतम स्तर है। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2016-17 की तुलना में 10 गुना से ज्यादा है। भारत अभी 85 से ज्यादा देशों को रक्षा निर्यात कर रहा है। इस वर्ष 1 अप्रैल को सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया था, 'सरकार की तरफ से निरंतर नीतिगत पहलों और रक्षा उद्योग के अभूतपूर्व योगदान के माध्यम से भारत ने वित्त वर्ष 2022-23 में रक्षा निर्यात में अहम उपलब्धि हासिल की है। बीते वित्त वर्ष में निर्यात अपने लगभग 16,000 करोड़ रुपये के अभी तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जो उसके पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 3,000 करोड़ रुपये ज्यादा हैं|
Comments (0)