नई दिल्ली. हाल ही में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीजेपी की चुनावी जीत के बाद नए चेहरों को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपे जाने के बाद ज्यादातर लोगों को अचरज हुआ. इसके बारे में कई तरह के सवाल उठाए गए. पीएम नरेंद्र मोदी ने इस कदम के बारे में पार्टी के संदेश पर बात की. पीएम मोदी से यह पूछा गया था कि भाजपा ने तीनों राज्यों में अपेक्षाकृत नए और अनजान चेहरे को मुख्यमंत्री बनाया है. इसका क्या संदेश है? इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश का एक दुर्भाग्य रहा है कि जो लोग अपनी वाणी से अपनी बुद्धि और अपने व्यक्तित्व से सामाजिक जीवन में प्रभाव पैदा करते हैं, उनमें से एक बहुत बड़ा वर्ग एक घिसी-पिटी, बंद मानसिकता में जकड़ा हुआ है.
अन्य प्रतिभाओ की ना हो उपेक्षा
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह केवल राजनीति के क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है. जीवन के हर क्षेत्र में यह प्रवृत्ति हमें परेशान करती है. जैसे किसी भी सेक्टर में कोई नाम अगर बड़ा हो गया, किसी ने अपनी ब्रॉन्डिंग कर दी तो बाकी लोगों पर सबका ध्यान नहीं जाता है. चाहे वो लोग कितने ही प्रतिभाशाली क्यों न हों, कितना भी अच्छा काम क्यों न करते हों. ठीक वैसा ही राजनीतिक क्षेत्र में भी होता है. दुर्भाग्य से अनेक दशकों से कुछ ही परिवारों पर मीडिया का फोकस सबसे ज्यादा रहा है.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि नये लोगो को भी मिले मौका
इसकी वजह से ज्यादातर नए लोगों की प्रतिभा और उपयोगिता की चर्चा ही नहीं हो पाती है. इसके कारण आपको कई बार कुछ लोग नए लगते हैं. जबकि सच्चाई यह है कि वे नए नहीं होते हैं. उनकी अपनी एक लंबी तपस्या होती है, अनुभव होता है. भाजपा तो एक कैडर आधारित राजनीतिक पार्टी है. संगठन के हर स्तर पर काम करते-करते कार्यकर्ता कितने ही आगे पहुंच जाएं, लेकिन उनके भीतर का कार्यकर्ता हमेशा जगा रहता है.
Comments (0)