बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव पर घूस लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि, बिहार में ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर अंचल अधिकारियों से 50-50 लाख रुपए वसूले गए। हम पार्टी के चीफ ने आगे कहा कि, हजारों करोड़ों रुपए कमाने के फिराक में थे लेकिन सीएम नीतीश कुमार ने इस पर रोक लगा दी, इसलिए जनता के बीच जाकर ऊल-जलूल बोलते हैं।
अरे बिना सीएम का कोई काम होता है क्या
जीतन राम मांझी ने आगे कहा कि, अंचल अधिकारियों से 50-50 लाख रुपए लेकर कमा लिए थे। हजारों करोड़ कमाना चाहते थे। बड़े पैमाने पर ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर रुपए लिए गए लेकिन सीएम नीतीश कुमार ने ऐसा नहीं होने दिया। ट्रांसफर-पोस्टिंग पर रोक लगा दी। मांझी ने आगे कहा कि, आज तेजस्वी जनता के बीच जाकर ऊल-जलूल बात करते हैं कि, उन्होंने शिक्षकों को नौकरी दी है। अरे बिना सीएम का कोई काम होता है क्या। तंज भरे अंदाज में निशाना साधते हुए पूर्व सीएम मांझी ने कहा कि, जिसे संविधान का ज्ञान नहीं है, वे वाहवाही कर रहे हैं, जिन्हें ज्ञान है वे तेजस्वी यादव पर हंस रहे हैं।
तेजस्वी को नहीं था नौकरी देने का अधिकार - मांझी
वहीं शिक्षक बहाली के क्रेडिट पर पर बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा कि, सरकार में सीएम की चलती है ना कि, उपमुख्यमंत्री की। पूर्व डिप्टी सीएम पर हमला बोलते हुए मांझी ने कहा कि, तेजस्वी यादव नियुक्तियों को लेकर जो वाहवाही लूटना चाहते हैं। उनकी बातों में मूर्ख लोग तो आ जाते हैं पर ज्ञानी लोग सिर्फ हंसते हैं। उन्होंने आगे यह भी कहा कि, उपमुख्यमंत्री का पद कोई संवैधानिक पद नहीं होता है। कोई भी फैसला सीएम लेता है।
मांझी बोले - विस सत्र छोड़कर फरार हैं नेता प्रतिपक्ष
इसके साथ ही जन विश्वास यात्रा को लेकर हम पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा कि, यह पहली बार है कि, बजट सत्र को छोड़कर बिहार का नेता प्रतिपक्ष भाग गया हो। वे बाहर घूम रहे हैं और ऊल-जुलूल बातें कर रहे हैं। वहीं आगे मांघी ने नीतीश सरकार में मंत्रिमंडल के विस्तार पर कहा कि, बजट सेशन के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा। आप देखेंगे की मंत्रालय भी बदले जाएंग और मंत्री भी बदले जाएंगे।
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