टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, 11 एकड़ की इस पूरी ज़मीन पर एक विशाल मस्जिद के साथ-साथ एक कैंसर अस्पताल, दो कॉलेज, बड़े बगीचे और फव्वारे होंगे. यहाँ एक विशाल क़ुरान भी रखी जाएगी, जिसकी जिल्द भगवा रंग की होगी.
अख़बार इस रिपोर्ट में इस सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश कर रहा है धर्म के आधार पर हुई भारत में अब तक सबसे बड़ी हिंसा की कड़वी यादों के बीच रही जगह क्या शांति, सहयोग और समावेशी विकास की पहचान बन सकती है?
अयोध्या में बाबरी मस्जिद की जगह बन रहे राम मंदिर के उद्घाटन की तैयारियों के बीच आईआईसीएफ़ नए मस्जिद का काम शुरू करने की कोशिश में है और इसी उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है.
अयोध्या में विवादित जगह से क़रीब 25 किलोमीटर दूर मस्जिद बनने वाली जगह को आईआईसीएफ़ सभी समुदाय और वर्गों के लोगों के लिए 'दवा' और 'दुआ' की जगह बनाना चाहता है.
अयोध्या में मस्जिद का निर्माण कराने वाले इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (आईआईसीएफ़) ने कहा है कि वो चाहता है कि आने वाले वक़्त में यह मस्जिद सभी समुदाय के लिए 'दवा' और 'दुआ' की जगह बने.
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