22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन होना है। इसी दिन राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होगी। लगभग 500 सालों के बाद अब प्रभु श्रीराम का मंदिर वापस से बनने जा रहा है। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी समेत देशभर के तमाम दिग्गज नेता उपस्थित रहेंगे। इस सब के बीच राम मंदिर पर जमकर राजनीति भी देखने को मिल रही हैं।
सभी मूर्तियां वहीं रहेंगी
राम मंदिर को लेकर राजनीति कम होने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने रामलला की मूर्ति को लेकर विवादित बयान दिया। जिस पर अयोध्या के हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने पलटवार करते हुए कहा कि, सभी मूर्तियां वहीं रहेंगी क्योंकि मूर्ति 'बाल स्वरूप' में थी, इसलिए लोगों को 'दर्शन' में कठिनाई का सामना करना पड़ता था इसलिए ट्रस्ट ने इसे भव्यता देने की कोशिश की है।
दिग्विजय सिंह हमेशा राम विरोधी रहे हैं
अयोध्या के हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने आगे कहा कि, मुख्य मुद्दा जन्मभूमि का था। अयोध्या में मंदिरों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि, मैं दिग्विजय सिंह जैसे लोगों से कहना चाहता हूं, जिन्होंने जाति के आधार पर समाज को बांटने की कोशिश की, वे अयोध्या आएं और मंदिरों को देखें। वहां सभी जातियों के राजाओं और शासकों के राम जानकी मंदिर हैं। महंत राजू दास ने कहा कि, दिग्विजय सिंह हमेशा राम विरोधी रहे हैं। वह शुरू से ही हर चीज में खामियां निकालते रहे हैं।
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