आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस संबंध में पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को औपचारिक पत्र भेजकर जानकारी दी है।
AAP का बड़ा फैसला, राज्यसभा में बदली रणनीति
AAP ने अपने पत्र में साफ किया है कि अब राघव चड्ढा पार्टी के डिप्टी लीडर नहीं रहेंगे। साथ ही पार्टी ने यह भी अनुरोध किया है कि उन्हें AAP के कोटे से सदन में बोलने का समय न दिया जाए।
पार्टी की ओर से यह कदम आगामी संसदीय सत्रों को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
अशोक मित्तल कौन हैं?
अशोक मित्तल पंजाब से AAP के राज्यसभा सांसद हैं, जिन्हें अप्रैल 2022 में उच्च सदन के लिए चुना गया था। वे कई अहम संसदीय समितियों जैसे रक्षा और वित्त समिति में सदस्य रह चुके हैं।इसके अलावा, उन्हें भारत-अमेरिका संसदीय मैत्री समूह का भी सदस्य बनाया गया है। हाल ही में वह एक ऑल पार्टी डेलिगेशन के साथ रूस, ग्रीस और स्पेन जैसे देशों के दौरे पर भी गए थे।

AAP के राज्यसभा में कितने सांसद?
वर्तमान में AAP के राज्यसभा में कुल 10 सदस्य हैं, जिनमें से 7 पंजाब और 3 दिल्ली से आते हैं।
राघव चड्ढा ने संसद में उठाए कई अहम मुद्दे
राघव चड्ढा 2022 से राज्यसभा सांसद हैं और अपने मुखर बयानों व मुद्दों को उठाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हाल के समय में कई महत्वपूर्ण विषयों को संसद में उठाया, जिनमें—
- मेंस्ट्रुअल हाइजीन और महिलाओं की शिक्षा
- पंचायतों में ‘सरपंच पति’ की भूमिका
- गिग वर्कर्स की समस्याएं
- पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाने की मांग
शेयर बाजार पर भी उठाई थी चिंता
हाल ही में राघव चड्ढा ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार में आई गिरावट को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि यह एक “ब्लैक स्वान इवेंट” है, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है और सरकार को रिटेल निवेशकों को राहत देनी चाहिए।
क्या संकेत देता है यह फैसला?
AAP का यह कदम पार्टी के अंदरूनी नेतृत्व में बदलाव और रणनीतिक पुनर्संतुलन की ओर इशारा करता है। खासकर आगामी संसद सत्र और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय अहम माना जा रहा है।