कोलकाता: कोलकाता नगर निगम की ओर से भेजी गई दो नोटिस को लेकर बढ़ते विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पहले यह स्पष्ट किया जाए कि उनके घर का कौन-सा हिस्सा अवैध है, उसके बाद ही वह सभी सवालों का जवाब देंगे।
पत्रकारों के सवाल पर नाराज दिखे अभिषेक
शुक्रवार को ‘अवैध निर्माण’ को लेकर पूछे गए सवाल पर अभिषेक बनर्जी स्पष्ट रूप से नाराज नजर आए। उन्होंने कहा, “जो लोग यह सवाल पूछ रहे हैं, वे पहले नगर निगम से पूछें कि अवैध हिस्सा कौन-सा है। पहले वे उसका जवाब दें, फिर मैं भी सवालों का जवाब दूंगा। अवैध हिस्से को ‘मार्क’ (चिह्नित) कर दीजिए, मैं जवाब दूंगा।”
दो अलग-अलग पते पर भेजी गई नोटिस
हाल ही में कोलकाता नगर निगम ने अवैध निर्माण के आरोप में दो अलग-अलग पतों पर नोटिस जारी की है। पहली नोटिस अभिषेक बनर्जी की मां लता बनर्जी के नाम कालीघाट रोड स्थित पते पर भेजी गई, जबकि दूसरी नोटिस ‘लिप्स एंड बाउंड्स इंफ्रा कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम हरीश मुखर्जी रोड स्थित संपत्ति पर जारी हुई। निगम का आरोप है कि दोनों जगह स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण किया गया है और सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो निगम आगे कार्रवाई कर सकता है।
मेयर के बयान से बढ़ा विवाद
इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने दावा किया कि उनसे चर्चा किए बिना ही नगर आयुक्त स्मिता पांडे ने नोटिस जारी की। इससे प्रशासनिक स्तर पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
भाजपा पर साधा निशाना, राजनीति से प्रेरित बताया मामला
अभिषेक बनर्जी ने इस पूरे विवाद को राजनीति से प्रेरित करार देते हुए भाजपा पर निशाना साधा। सूत्रों के अनुसार, कालीघाट में तृणमूल कांग्रेस की बैठक के दौरान उन्होंने पार्षदों से कहा कि जनता ने उन्हें पांच वर्षों के लिए चुना है और वही तय करेगी कि कौन रहेगा। उन्होंने साफ किया कि राजनीतिक दबाव के आगे झुकने का कोई सवाल ही नहीं है।