खराब मौसम और अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए शनिवार को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अधिकारियों के अनुसार सुबह किसी भी नए जत्थे को कश्मीर घाटी की ओर रवाना होने की अनुमति नहीं दी गई। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद ही आगे की आवाजाही पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल प्रशासन लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है और यात्रा मार्ग की परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है।
11 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान
स्थानीय मौसम विभाग ने जम्मू क्षेत्र के कई हिस्सों में 11 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। मौसम संबंधी परामर्श में अचानक बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं की संभावना को लेकर भी चेतावनी दी गई है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश होने पर सड़क मार्गों पर मलबा आने, मार्ग बाधित होने और यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए यात्रा के नए जत्थे को रोकना उचित समझा है, ताकि खराब मौसम के बीच श्रद्धालुओं को किसी जोखिम का सामना न करना पड़े।
यात्रा मार्ग और राजमार्ग की स्थिति पर प्रशासन की नजर
अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी मार्ग से आगे बढ़ते हैं। अधिकारियों के अनुसार शनिवार तड़के जम्मू में हल्की से मध्यम बारिश हुई, हालांकि इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारू रूप से चलता रहा। प्रशासन मौसम के साथ-साथ सड़क की स्थिति पर भी लगातार नजर रख रहा है। यदि बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़ या सड़क अवरोध जैसी परिस्थितियां बनती हैं तो श्रद्धालुओं की आवाजाही को रोकने या सीमित करने का निर्णय लिया जा सकता है।
अब तक 4.75 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे गुफा
तीन जुलाई से शुरू हुई इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा में अब तक 4.75 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा को लेकर देशभर से श्रद्धालुओं में व्यापक उत्साह देखने को मिला है और निर्धारित मार्गों पर सुरक्षा तथा सुविधाओं के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। हालांकि हाल के दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में कमी दर्ज की गई है। इसी बीच मौसम के प्रतिकूल पूर्वानुमान ने प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त चुनौती खड़ी कर दी है। यात्रा का आधिकारिक समापन 28 अगस्त को होना निर्धारित है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लिया गया एहतियाती फैसला
अमरनाथ यात्रा कठिन पहाड़ी और ऊंचाई वाले क्षेत्र से होकर गुजरती है, जहां मौसम में अचानक बदलाव यात्रियों के लिए चुनौती पैदा कर सकता है। भारी बारिश के दौरान फिसलन, भूस्खलन, अचानक जलस्तर बढ़ने और मार्ग बाधित होने का खतरा सामान्य मैदानी क्षेत्रों की तुलना में अधिक रहता है। ऐसे में यात्रा को कुछ समय के लिए रोकना प्रशासन की ओर से सुरक्षा-केंद्रित एहतियाती कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौसम और मार्ग की परिस्थितियों का आकलन करने के बाद ही श्रद्धालुओं की आगे की आवाजाही के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
मौसम सुधरने पर फिर शुरू हो सकती है यात्रा
फिलहाल यात्रा स्थगित किए जाने को अस्थायी कदम माना जा रहा है। प्रशासन मौसम विभाग के पूर्वानुमान, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति और यात्रा मार्गों की सुरक्षा का लगातार मूल्यांकन करेगा। परिस्थितियां अनुकूल होने पर नए जत्थों को दोबारा रवाना करने का फैसला लिया जा सकता है। श्रद्धालुओं से भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा से जुड़े आधिकारिक निर्णयों पर भरोसा रखने की अपील की जा रही है। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निर्धारित यात्रा अवधि अभी बाकी है, इसलिए मौसम अनुकूल रहने पर आने वाले दिनों में यात्रा गतिविधियां फिर सामान्य होने की उम्मीद है।