पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है, जिसका असर कई देशों पर पड़ रहा है। ऐसे समय में भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है, जहां एक दक्षिण अमेरिकी देश ने रसोई गैस यानी LPG की आपूर्ति तेज कर दी है। यह कदम न केवल आपूर्ति संकट को कम करेगा, बल्कि देश में ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती देगा।
दोगुनी से अधिक हुई गैस आपूर्ति
वर्ष 2026 की पहली तिमाही में अर्जेंटीना ने भारत को लगभग 50,000 टन LPG की आपूर्ति की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा करीब 22,000 टन था। इस बढ़ोतरी से स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग तेजी से मजबूत हो रहा है और भारत को वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
उत्पादन क्षमता में लगातार वृद्धि
अर्जेंटीना में प्राकृतिक गैस आधारित LPG उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। जनवरी 2026 में वहां लगभग 2.59 लाख टन LPG का उत्पादन हुआ। वहीं, वार्षिक उत्पादन 2024 के 2.6 मिलियन टन से बढ़कर 2025 में 2.63 मिलियन टन तक पहुंच गया। यह बढ़ती उत्पादन क्षमता भविष्य में भारत जैसे बड़े उपभोक्ता देश के लिए स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित कर सकती है।
नए निवेश से बढ़ेगी निर्यात क्षमता
ऊर्जा क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने के लिए अर्जेंटीना बड़े निवेश की तैयारी में है। वर्ष 2026 में बाहिया ब्लैंका स्थित संयंत्र में एक नई गैस प्रसंस्करण इकाई शुरू की जाएगी, जिससे LPG उत्पादन और अधिक बढ़ेगा। इससे अतिरिक्त उत्पादन को निर्यात बाजार में भेजा जा सकेगा और भारत को दीर्घकालिक आपूर्ति का भरोसा मिलेगा।
भारत के LPG बाजार में बढ़ती भागीदारी
अर्जेंटीना अब भारत के LPG बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यह रणनीति दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, जहां भारत को स्थिर और विविध स्रोतों से ऊर्जा मिलेगी, वहीं अर्जेंटीना को एक बड़ा और स्थायी बाजार प्राप्त होगा।
द्विपक्षीय व्यापार में नई ऊंचाई
भारत और अर्जेंटीना के बीच व्यापारिक संबंध भी तेजी से मजबूत हो रहे हैं। वर्ष 2025 के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार में 36 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जो लगभग 6.34 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। भारत, अर्जेंटीना के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल हो चुका है, जिससे भविष्य में आर्थिक सहयोग और गहरा होने की संभावना है।
ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में अहम कदम
यह पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों का विस्तार देश को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने में मदद करेगा। आने वाले समय में इस तरह के सहयोग भारत की आर्थिक स्थिरता और आम उपभोक्ताओं के हितों के लिए बेहद अहम साबित होंगे।