नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि भारत ने कोरोना काल जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना एकजुटता से किया है और अब फिर उसी तैयारी और धैर्य की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शांत मन, संयम और सतर्कता के साथ हर चुनौती का मुकाबला करना ही देश की पहचान और ताकत है।
अफवाहों से सतर्क रहने की अपील
प्रधानमंत्री ने चेताया कि संकट के समय कुछ लोग झूठ और अफवाह फैलाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशों को सफल नहीं होने देना चाहिए। साथ ही राज्य सरकारों से अपील की कि कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी नजर रखी जाए और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई हो।
भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
नरेंद्र मोदी ने बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अब तक 3.72 लाख से अधिक भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया गया है। ईरान से करीब 1000 भारतीय लौटे हैं, जिनमें 700 से ज्यादा मेडिकल छात्र शामिल हैं।
छात्रों के लिए उठाए गए कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि खाड़ी देशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को ध्यान में रखते हुए CBSE ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं और पढ़ाई जारी रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
मिशन और हेल्पलाइन सक्रिय
प्रभावित देशों में भारतीय दूतावास लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं। सरकार ने 24 घंटे कंट्रोल रूम और आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू की हैं, ताकि भारतीयों को समय पर जानकारी और सहायता मिल सके।
एकजुटता से हर चुनौती का सामना
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश की सरकार और नागरिक मिलकर काम करते हैं, तो हर संकट का सामना किया जा सकता है। उन्होंने सभी से एकजुट होकर आगे बढ़ने की अपील की।