नई दिल्ली- आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने E-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित 'E-20 के खिलाफ राष्ट्रीय टाउन हॉल' कार्यक्रम में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना पर्याप्त वैज्ञानिक अध्ययन और सार्वजनिक रिपोर्ट के E-20 ईंधन को देशभर में लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि यह ईंधन पूरी तरह सुरक्षित है तो सरकार अपनी सभी तकनीकी रिपोर्ट और अध्ययन सार्वजनिक करे, ताकि देश की जनता भी सच्चाई जान सके।
'बिना स्टडी के लागू किया गया E-20'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार कभी E-20 को पूरी तरह सुरक्षित बताती है तो कभी अलग-अलग दावे करती है, लेकिन आज तक कोई विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लाखों वाहन मालिक माइलेज घटने और इंजन पर असर पड़ने की शिकायत कर रहे हैं तो सरकार इन चिंताओं का जवाब देने के बजाय उन्हें नजरअंदाज क्यों कर रही है।
'माइलेज घटा, इंजन पर असर' का दावा
केजरीवाल ने दावा किया कि एक सर्वे में सामने आया है कि करीब 67 प्रतिशत वाहनों का माइलेज कम हुआ, जबकि 45 प्रतिशत वाहनों के इंजन पर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि इतनी बड़ी संख्या में लोग शिकायत कर रहे हैं तो सरकार को स्वतंत्र एजेंसियों से जांच करानी चाहिए और रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए। उनका कहना था कि जनता को केवल सरकारी दावों पर भरोसा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
वाहन कंपनियों से भी मांगा जवाब
AAP प्रमुख ने बताया कि उन्होंने देश की 29 वाहन निर्माण कंपनियों को पत्र लिखकर दो अहम सवाल पूछे हैं। पहला, क्या वर्ष 2023 से पहले बने वाहनों में E-20 पेट्रोल का सुरक्षित उपयोग किया जा सकता है? दूसरा, यदि E-20 के इस्तेमाल से वाहन का माइलेज घटता है या इंजन को नुकसान होता है, तो क्या संबंधित कंपनियां इसकी जिम्मेदारी लेंगी? उन्होंने कहा कि इन सवालों का स्पष्ट जवाब देश के करोड़ों वाहन मालिकों को मिलना चाहिए।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि E-20 के खिलाफ सवाल उठाने वालों को डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को अपने फैसले पर पूरा भरोसा है तो उसे खुली सार्वजनिक बहस करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल पूछने वालों पर कार्रवाई की जाती है, जबकि लोकतंत्र में हर नागरिक को नीति पर सवाल उठाने का अधिकार है।
PM मोदी के वीडियो संदेश पर भी साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो संदेश पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की समस्याओं और आम लोगों की चिंताओं का समाधान करने पर ध्यान देना चाहिए। उनका कहना था कि जनता महंगाई, रोजगार और रोजमर्रा की परेशानियों का जवाब चाहती है।
E-30 लागू करने की आशंका भी जताई
केजरीवाल ने आशंका जताई कि यदि सरकार इसी तरह फैसले लेती रही तो भविष्य में E-30 जैसे ईंधन भी बिना पर्याप्त अध्ययन के लागू किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी नई नीति को लागू करने से पहले वैज्ञानिक परीक्षण, सार्वजनिक चर्चा और पारदर्शिता बेहद जरूरी है।