पटना: बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। भागलपुर के नवगछिया में गंगा नदी का तटबंध टूटने के बाद बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में जुटी हैं। यहां मुफ्त कम्युनिटी किचन, अस्थायी मेडिकल कैंप और राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।
नवगछिया में तटबंध टूटने से बढ़ी परेशानी
गंगा नदी का तटबंध टूटने के बाद नवगछिया के कई इलाकों में पानी फैल गया है। प्रभावित परिवारों तक प्रशासन की ओर से जरूरी सहायता पहुंचाई जा रही है। राहत शिविरों में लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीमें मेडिकल कैंप के जरिए लोगों की जांच कर रही हैं।
बगहा में गंडक नदी को लेकर बढ़ी चिंता
नेपाल में आई भारी आपदा के बाद बगहा और गंडक नदी के निचले इलाकों में भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते कई लोग रातभर जागते रहे। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने तथा किसी भी खतरे की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की जा रही है।
पटना में घरों में घुसा बाढ़ का पानी
पटना के आसपास के इलाकों में भी बाढ़ का पानी घरों में पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई परिवार अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। कुछ लोगों ने पटना मरीन ड्राइव जैसे ऊंचे और अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
रायबरेली में गंगा चेतावनी निशान के ऊपर
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में भी गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इसके चलते कटरा क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर जलभराव की सूचना है। खेतों में खड़ी धान, गन्ने और अरहर की फसलें पानी में डूब गई हैं। इससे किसानों को फसल बर्बाद होने और आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।
नेपाल त्रासदी के लिए जम्मू में प्रार्थना
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का असर देश के अलग-अलग हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है। जम्मू में गोरखा समुदाय के लोगों ने गोरखा मंदिर में विशेष प्रार्थना की। लोगों ने नेपाल आपदा में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के साथ-साथ लापता भारतीय और विदेशी नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भी प्रार्थना की।
दुर्गापुर के छह यात्री नेपाल में लापता
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से नेपाल गए छह यात्री 25 अगस्त की रात से संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक ये सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे। लापता यात्रियों में अरिंदम गांगुली और मौसुमी गांगुली के नाम भी सामने आए हैं। परिवार और परिचित यात्रियों से संपर्क नहीं होने के कारण परेशान हैं और प्रशासन से जल्द मदद की मांग कर रहे हैं।
परिवारों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
अरिंदम की दोस्त सुजाता बनर्जी के मुताबिक मौसुमी और अरिंदम एक ट्रैवल ग्रुप के साथ नेपाल गए थे और 25 अगस्त से उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। परिजनों के अनुसार ट्रैवल एजेंसी ने बताया कि यात्रियों से पिछली रात और सुबह बातचीत हुई थी, लेकिन परिवारों को उनकी मौजूदा स्थिति की पूरी जानकारी नहीं मिल सकी है। इससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है। परिवारों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से लापता यात्रियों का जल्द पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने की अपील की है।