31 जुलाई और एक अगस्त को हुई हिंसा के केंद्र में नूंह ही रहा। यहां की घटनाओं से जुड़ी 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा गुरुग्राम में 15 और पलवल जिले 10 मामले दर्ज किए गए हैं। तीनों जिलों में हुई हिंसक घटनाओं में छह लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही निजी और सरकारी संपत्तियों को भी भारी नुकसान हुआ है।
अगर साजिश के तहत हिंसा फैलाई गई तो सरकार क्या कर रही थी
हरियाणा के अलग-अलग जिलों में हुई हिंसा के बाद अब इस मसले पर राजनीति शुरू हो गई है। सरकार ने कहा कि, हिंसा को साजिश के तहत अंजाम दिया गया। इस तरह की घटना अचानक से नहीं की जा सकती है। उपद्रवी पूरी तैयारी से आए थे। जिसके बाद पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया गया। वहीं कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार द्वारा दिए गए बयान पर सवाल पूछा है। उन्होंने कहा कि, अगर साजिश के तहत हिंसा फैलाई गई तो सरकार क्या कर रही थी। सरकार हाथ पर हाथ रख कर क्यों बैठी रही। पुलिस द्वारा कार्यवाही क्यों नहीं की गई।
हिंसा में जो भी नुकसान हुआ है, वह दंगाइयों से वसूला जाएगा
वहीं हरियाणा के नूंह और मेवात में हुई हिंसा के बाद से तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टरने कहा कि, हम नूंह हिंसा के पीड़ितों को सहायता प्रदान करेंगे। इसके लिए एक योजना शुरू की जाएगी। हिंसा में जो भी नुकसान हुआ है, वह दंगाइयों से वसूला जाएगा।
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