नई दिल्ली. देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। लाल किले की प्राचीर से होने वाले राष्ट्रीय समारोह को लेकर दिल्ली पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों तथा खुफिया तंत्र के बीच लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि राष्ट्रविरोधी तत्व, सीमापार से संचालित आतंकी संगठन, खालिस्तानी समर्थक समूह अथवा अचानक आयोजित होने वाले विरोध-प्रदर्शन समारोह की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। इन्हीं संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए राजधानी के संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता का स्तर काफी बढ़ा दिया गया है।
करीब 24 हजार अतिथियों की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय निगरानी तंत्र
इस वर्ष लाल किले पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समारोह में लगभग 24 हजार अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। इनमें विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियां, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी, पुरस्कार विजेता, विदेशी प्रतिनिधि और आमंत्रित नागरिक भी शामिल रहेंगे। इतने बड़े आयोजन को देखते हुए दिल्ली पुलिस के लगभग 12 हजार अधिकारियों और जवानों की तैनाती की जा रही है। इसके अतिरिक्त केंद्रीय सुरक्षा बलों, खुफिया एजेंसियों तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी पूरे कार्यक्रम के दौरान संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। समारोह स्थल तक पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति और वाहन की निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप जांच सुनिश्चित की जाएगी।
एआई आधारित निगरानी से हर गतिविधि पर रहेगी चौबीसों घंटे नजर
सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने के उद्देश्य से लाल किले और उसके आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एक हजार से अधिक अत्याधुनिक CCTV कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों को AI आधारित वीडियो एनालिटिक्स प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे भीड़ की गतिविधियों का वास्तविक समय में विश्लेषण किया जा सकेगा। यह तकनीक संदिग्ध गतिविधियों, असामान्य भीड़-भाड़, प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनधिकृत प्रवेश तथा सुरक्षा संबंधी किसी भी संभावित खतरे की तत्काल पहचान करने में सहायक होगी। अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और मानवीय निगरानी के समन्वय से सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और त्वरित बनेगी।
हर स्तर पर तैनात रहेंगी विशेष सुरक्षा इकाइयां
समारोह की सुरक्षा के लिए केवल पुलिस बल ही नहीं बल्कि विभिन्न विशेष इकाइयों को भी सक्रिय किया गया है। पूरे सुरक्षा क्षेत्र में प्रवेश नियंत्रण प्रणाली लागू रहेगी तथा कार्यक्रम शुरू होने से पहले व्यापक एंटी-सबोटाज जांच की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर QRT, SWAT कमांडो, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड तथा प्रशिक्षित स्नाइपर्स को तैनात किया जाएगा। आसपास की ऊंची इमारतों की छतों पर सुरक्षा बलों की विशेष निगरानी रहेगी, जबकि प्रमुख मार्गों पर वाहनों की सघन जांच, लगातार गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई के लिए अलग-अलग दल तैयार रखे जाएंगे। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे को प्रारंभिक स्तर पर ही निष्प्रभावी करना है।
अचानक विरोध-प्रदर्शनों और सुरक्षा चुनौतियों पर विशेष नजर
सुरक्षा एजेंसियां इस बार विशेष रूप से ऐसे अचानक होने वाले विरोध-प्रदर्शनों पर भी नजर बनाए हुए हैं, जो बिना पूर्व सूचना के आयोजित किए जा सकते हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं की भी सतत निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या सुरक्षा संबंधी चुनौती का समय रहते आकलन किया जा सके। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि समारोह के दौरान सुरक्षा जांच में सहयोग करें, केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। राष्ट्रीय महत्व के इस आयोजन को सुरक्षित, व्यवस्थित और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न कराना सभी सुरक्षा एजेंसियों की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।