नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के पंचशील पार्क मेट्रो स्टेशन के पास 21 वर्षीय डिजाइन छात्रा के साथ कथित तौर पर पीछा करने, आपत्तिजनक टिप्पणियां करने और उसकी स्कूटी को बाइक से टक्कर मारने का मामला सामने आया है। घटना 11 सितंबर की रात की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, युवती के गिरने के बाद वह करीब 100 से 150 मीटर तक सड़क पर घिसट गई, जिससे उसके चेहरे, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने अज्ञात बाइक सवारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 के तहत मामला दर्ज किया है और CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। पीड़िता ओखला स्थित एक डिजाइन संस्थान में चौथे वर्ष की छात्रा है और मूल रूप से नैनीताल की रहने वाली है। घटना के बाद उसका इलाज कराया गया और फिलहाल वह अपने परिजनों के साथ कानपुर में स्वास्थ्य लाभ ले रही है। उसके मुताबिक, डॉक्टरों ने पैर की चोट के कारण करीब दो महीने आराम की सलाह दी है।
रात में घर लौट रही थी छात्रा, बाइक सवारों ने किया पीछा
शिकायत के अनुसार, 11 सितंबर की रात करीब 12 बजे छात्रा साकेत से कालकाजी स्थित अपने घर लौट रही थी। पंचशील पार्क मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचने पर बाइक सवार दो युवकों ने कथित तौर पर उसका पीछा करना शुरू किया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि दोनों युवकों ने उसके पास बाइक चलाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। जब उसने उनसे बचने के लिए अपनी स्कूटी की रफ्तार बढ़ाई, तो बाइक सवार भी उसका पीछा करते रहे और उसके पास आकर कुछ कहते रहे।
बाइक से स्कूटी को टक्कर, सड़क पर 100-150 मीटर तक घिसटी
शिकायत के मुताबिक, दोनों युवक बाइक से उसकी स्कूटी के पास पहुंचे और कथित तौर पर बाइक से उसे धक्का या टक्कर मारी। इसके बाद छात्रा का संतुलन बिगड़ गया और वह स्कूटी से गिर गई। पुलिस के अनुसार, सड़क पर पत्थर और मिट्टी होने के कारण वह करीब 100 से 150 मीटर तक घिसटती चली गई। इस दौरान उसके चेहरे, हाथों और पैरों में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद पीछे से आ रहे दो अन्य स्कूटर सवार युवकों ने उसे देखा और मदद के लिए रुके। उन्होंने घायल छात्रा को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। पीड़िता ने अपने सहकर्मियों को अपनी लाइव लोकेशन भी भेजी थी।
मैक्स अस्पताल में इलाज, फिलहाल कानपुर में स्वास्थ्य लाभ
पुलिस के मुताबिक, PCR कॉल मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन तब तक घायल छात्रा को मैक्स अस्पताल, साकेत ले जाया जा चुका था। पुलिस ने बताया कि अस्पताल से उसे उसकी इच्छा पर छुट्टी मिल गई थी। बाद में उसने पुलिस को बताया कि वह आगे इलाज के लिए दूसरे अस्पताल जा रही है। पीड़िता को चेहरे, हाथ और पैरों में चोटें आईं। बाद में उसका इलाज दिल्ली के बाहर भी कराया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, चोटों की गंभीरता को देखते हुए प्लास्टिक सर्जरी की सलाह दी गई और पैर की चोट के कारण उसे लंबे आराम की जरूरत बताई गई।
FIR में देरी को लेकर पीड़िता ने उठाए सवाल
पीड़िता के अनुसार, घटना के तुरंत बाद करीब रात 1 बजे PCR कॉल की गई थी। 12 सितंबर को पुलिस ने उससे फोन पर घटना की जानकारी भी ली। उसका आरोप है कि इसके बाद तत्काल FIR दर्ज नहीं हुई। पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर को पीड़िता का एक रिश्तेदार थाने पहुंचा और उसे उपलब्ध CCTV फुटेज दिखाए गए। इसके बाद 15 सितंबर को एक वकील ने उसकी ओर से पुलिस से संपर्क किया। चूंकि पीड़िता उस समय दिल्ली में नहीं थी, पुलिस ने उससे बाद में बयान दर्ज कराने के लिए संपर्क किया। इसके बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 281 (तेज/लापरवाही से वाहन चलाना) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
दक्षिण दिल्ली के DCP अनंत मित्तल के अनुसार, पुलिस पीड़िता के संपर्क में है और घटना की पूरी परिस्थितियों तथा घटनाक्रम की कड़ियों को सत्यापित करने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने संबंधित इलाके के CCTV फुटेज की जांच शुरू कर दी है। उपलब्ध फुटेज में पीड़िता या कथित आरोपियों की पहचान स्पष्ट रूप से नहीं हो सकी है। पुलिस अब अलग-अलग कैमरों की फुटेज को जोड़कर आरोपियों की पहचान और घटना के क्रम को स्थापित करने का प्रयास कर रही है। फिलहाल आरोपियों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका पुलिस जांच का विषय है। पीड़िता द्वारा लगाए गए पीछा करने और जानबूझकर टक्कर मारने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।