आज पूरा देश सरदार वल्लभभाई पटेल की 148 वीं जयंती मना रहा है। इस मौके पर पीएम मोदी ने केवड़िया में सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम ने कहा कि, देश की एकता के रास्ते में, हमारी विकास यात्रा में सबसे बड़ी रुकावट है- तुष्टिकरण की राजनीति। तुष्टिकरण करने वालों को आतंकवाद, उसकी भयानकता, विकरालता कभी दिखाई नहीं देती।
पीएम ने किया देश की एकता और अखंडता का जिक्र
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश की एकता और अखंडता के साथ-साथ कश्मीर में 370 को हटाए जाने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि, जैसे 15 अगस्त हमारी स्वतंत्रता के उत्सव का, 26 जनवरी हमारे गणतंत्र के जयघोष का दिवस है, उसी तरह 31 अक्टूबर का ये दिन देश के कोने-कोने में राष्ट्रीयता के संचार का पर्व बन गया है। पीएम मोदी ने कहा कि, आप सभी युवाओं का जांबाजों का ये उत्साह राष्ट्रीय एकता दिवस की बहुत बड़ी ताकत है। प्रदेश अलग है, भाषा अलग है, परंपरा अलग है, लेकिन यहां मौजूद हर व्यक्ति एकता की मजबूत डोर से जुड़ा हुआ है।
हम विकास के साथ विरासत का संरक्षण भी कर रहे
पीएम मोदी ने अपने इस संबोधन में कहा कि, हम विकास भी कर रहे हैं और अपनी विरासत का संरक्षण भी कर रहे हैं। भारत ने अपनी नौसेना के ध्वज पर लगे गुलामी के निशान को हटा दिया है। गुलामी के दौर में बनाए गए गैर जरूरी कानूनों को भी हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, इंडिया गेट पर जहां कभी विदेशी सत्ता के प्रतिनिधि की प्रतिमा थी, वहां अब नेताजी सुभाष की प्रतिमा हमें प्रेरणा दे रही है।
हमें एक रहना होगा
वहीं पीएम मोदी ने आगे कहा कि, आज देश में दुशमन अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो रहे हैं। तुष्टीकरण करने वालों को आतंकवाद नहीं दिखता। एक धड़ा अपने स्वार्थ के लिए देश की एकता पर चोट कर देश को नुकसान पहुंचाते हैं। हमें सतर्क रहना है। एकता को सहारा देना है। पीएम ने कहा कि, अगले 25 साल भारत के लिए इस दशक के सबसे महत्वपूर्ण 25 साल हैं। इन 25 सालों में हमें अपने भारत को समृद्ध बनाना है, हमें अपने भारत को विकसित बनाना है। हमें हर लक्ष्य हासिल करने के लिए सरदार पटेल से प्रेरणा लेनी होगी।
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