NCP के अध्यक्ष शरद पवार को राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिला था, लेकिन वह मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद भगवान राम की पूजा करने के लिए अयोध्या जाएंगे। इस दौरान शरद पवार ने कहा कि, मंदिर के निर्माण में पूर्व पीएम राजीव गांधी का योगदान है। उन्होंने कहा कि, मूर्ति जहां थी, मंदिर उससे कुछ दूरी पर बन रहा है।
ताला खोलकर राम की मूर्ति बाहर निकाली थी
शरद पवार ने कहा कि, राजीव गांधी ने पीएम पद पर रहते हुए अयोध्या में ताला खोलकर राम की मूर्ति बाहर निकाली थी। उस वक्त विवाद शुरू हुआ कि, आपने ताला क्यों खोला? फिर बाबरी मस्जिद गिरने के बाद मंदिर बनाने का प्रयास राजीव गांधी ने ही शुरू किया। NCP चीफ ने आगे कहा कि, उसमें कुछ लोगों ने विरोध की भूमिका ली और कुछ लोग कोर्ट में गए। वो केस 20 साल तक कोर्ट में चला। कोर्ट ने 2 साल पहले इस केस का निर्णय दिया। निर्णय हिंदू पक्ष में आया।
मूर्ति जहां थी, उससे दूरी पर बन रहा मंदिर
उन्होंने कहा कि, राम मंदिर जन्मभूमि ट्रस्ट ने आगे की रूपरेशा तैयार की। जहां मंदिर होना चाहिये था, मूर्ति जहां थी, उससे कुछ दूरी पर मंदिर बनाया। जबकि भारतीय जनता पार्टी की भूमिका थी कि, मंदिर वहीं बनाएंगे। मंदिर 'वहां' बनाने का निर्णय उन्होंने ही बदला, उनकी ही सत्ता आने के बाद। शरद पवार ने आगे कहा कि, आज मंदिर बन रहा है अच्छी बात है, सभी को आनंद हो रहा है, हमने या कांग्रेस ने उसका विरोध नहीं किया। मुझे अयोध्या का निमंत्रण मिला था। हमें राम का आदर है। उनका व्यक्तित्व समाज को दिशा देने वाला है।
Comments (0)