नई दिल्ली. चुनाव आयोग से जुड़े विवाद का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। यह केस दो चुनाव आयुक्तों की कथित सहमति के बिना लिए गए एसआईआर के फैसले से जुड़ा है और इस पर सुनवाई के लिए सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर कर दी गई है। भारतीय चुनाव आयोग इस वक्त देश की सियासत के चक्रव्यूह में घिर गया है। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयोग के भीतर ही सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। एसआईआर को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और बाकी दो चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद की खबरें सामने आईं तो विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया है। अदालत में इस मामले की सुनवाई से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
विपक्ष का देशव्यापी प्रदर्शन
आज पूरे देश में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष हल्ला बोल करने वाला है। कांग्रेस आज दिल्ली समेत देश के तमाम राज्यों में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने वाली है। इसके बाद 28 सितंबर से सभी जिला कमेटियों को कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली में चुनाव आयोग के ऑफिस के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन होगा तो राज्यों में भी चुनाव आयोग दफ्तरों के सामने कांग्रेस प्रोटेस्ट करेगी। बिहार में आरजेडी आज जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर एआईएसए का प्रोटेस्ट होने वाला है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर संगठित रूप से सड़क पर उतर रहा है।
महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी
कांग्रेस अब चीफ इलेक्शन कमिश्नर के खिलाफ हर तरफ मोर्चाबंदी कर रही है। कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस लाएगी। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों से भी संपर्क किया है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक इसे अगले दो हफ्तों के भीतर पेश किया जाएगा। अभी कांग्रेस प्रस्ताव का ड्राफ्ट तैयार कर रही है। कुछ ही दिनों में दोनों सदनों में मोशन का नोटिस दे दिया जाएगा। मोशन का नोटिस देने के लिए सत्र की कार्रवाई का जारी रहना जरूरी नहीं है। यह कदम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राहुल गांधी की इस्तीफे की मांग
इससे पहले बीते सोमवार को चुनाव आयोग के मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल गांधी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। राहुल गांधी ने कहा था कि इस बात का जवाब मिल गया है कि बीजेपी के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी का असर क्यों नहीं होता है। बीजेपी लगातार चुनाव कैसे जीत रही है। विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है और इसे लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बता रहा है। अदालती प्रक्रिया और राजनीतिक आंदोलन दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।
आगे की स्थिति और महत्व
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने से मामला कानूनी पटरी पर पहुंच गया है। विपक्ष के प्रदर्शन और महाभियोग की तैयारी से राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है। चुनाव आयोग की स्वायत्तता और आंतरिक प्रक्रिया पर सवाल उठने से बहस तेज हो गई है। अदालत के फैसले और राजनीतिक घटनाक्रम दोनों पर नजर रहेगी। इस विवाद ने चुनावी प्रक्रिया और संस्थागत विश्वसनीयता को लेकर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।