गुलाम नबी आजाद ने दावा किया है कि, उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला सार्वजनिक जांच से बचने के लिए रात में पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के साथ गुप्त बैठकें करते हैं। DPAP प्रमुख ने कहा कि, वो श्रीनगर में कुछ और, जम्मू में कुछ और दिल्ली में कुछ और कहते हैं। आज़ाद ने दावा किया है कि, अब्दुल्ला ने साल 2014 में बीजेपी के साथ गठबंधन बनाने के लिए सोच-समझकर प्रयास किए थे।आज़ाद ने पिता-पुत्र की जोड़ी पर दोहरा खेल खेलने का आरोप लगाया।
फारूक ने जो बताया वह जुबान की फिसलन नहीं थी
DPAP प्रमुख आजाद ने कहा कि, फारूक ने मीडिया को जो बताया वह जुबान की फिसलन नहीं थी। फारूक और उमर सरकार और विपक्ष दोनों को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाने की बेताब कोशिश कर रहे हैं।
गुलाम नबी आज़ाद का बड़ा दावा
गुलाम नबी आज़ाद ने धारा 370 के विवादास्पद निरस्तीकरण से ठीक पहले 3 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम अब्दुल्ला और पीएम मोदी के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक को भी प्रकाश में लाया। उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि, दिल्ली में अफवाहें फैल गईं कि फैसले के बारे में अब्दुल्ला को विश्वास में लिया गया था और यहां तक कि घाटी के नेताओं को घर में नजरबंद करने का भी सुझाव दिया गया था।
मैं अब्दुल्लाओं की तरह धोखाधड़ी नहीं करता
DPAP प्रमुख गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि, मैं अब्दुल्लाओं की तरह धोखाधड़ी नहीं करता। आजाद ने आगे कहा कि, मैं अपने हिंदू भाइयों को बेवकूफ बनाने के लिए मंदिरों में नहीं जाता, और मैं कट्टरपंथी इस्लामवादियों को खुश करने के लिए अपने देश का दुरुपयोग नहीं करता।
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