फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी व कर्जमाफी समेत 12 मांगों को लेकर दिल्ली कूच पर अड़े पंजाब के किसान संगठन शनिवार को पांचवें दिन भी शंभू और दातासिंह वाला सीमा पर डटे रहे। किसानों का अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन लगातार जारी है। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार के पास अभी भी समय है। हम सरकार से टकराव नहीं चाहते हैं।
अगर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी या लाल कृष्ण आडवाणी होते तो किसानों की बात मान लेते
भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि पूंजीपतियों के गैंग ने भाजपा पर कब्जा कर लिया है। राकेश टिकैत ने कहा कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी या लाल कृष्ण आडवाणी होते तो किसानों की बात मान लेते। लेकिन यह सरकार किसानों की बात नहीं मानेगी। बता दें कि इस पर सरकार से तीन दौरे की बातचीत हो चुकी है, जिसका कोई नतीजा नहीं निकला है। वहीं रविवार को चौथे दौर की बातचीत होगी।
21 फरवरी को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का एलान किया
इस बीच किसान आंदोलन के समर्थन में आहूत भाकियू की पंचायत में 21 फरवरी को यूपी, हरियाणा, उत्तराखंड़ और दिल्ली के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का एलान किया गया है। इसके अलावा 26 और 27 फरवरी को किसान हरिद्वार से गाजीपुर तक प्रदर्शन करेंगे। अपने-अपने क्षेत्र में हाईवे पर दिल्ली की ओर ट्रैक्टर खड़े कर विरोध जताएंगे। हालांकि, हाईवे पर वाहनों की आवाजाही जारी रहेगी। इसके लिए हाईवे को वन-वे कराया जाएगा।
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