बिहार के गया जी जिले में एक बड़ी रेल दुर्घटना टल गई, जब गया से राजगीर जा रही बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस के सामने रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध लोहे की प्लेट दिखाई दी। ट्रेन चालक और गार्ड की त्वरित सतर्कता के चलते समय रहते ट्रेन रोक दी गई, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।
रात में चालक ने समय रहते भांपा खतरा
जानकारी के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस देर रात करीब 1:05 बजे गया जंक्शन से रवाना हुई थी। सफर के दौरान चालक की नजर ट्रैक पर रखी लोहे की प्लेट पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन की गति तुरंत कम की गई और सुरक्षित स्थान पर रोक दिया गया।
ड्राइवर और गार्ड की सूझबूझ बनी सुरक्षा की ढाल
ट्रेन चालक नवनीत कुमार और गार्ड राजीव कुमार ने बिना समय गंवाए रेलवे कंट्रोल, स्टेशन मास्टर और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। दोनों कर्मचारियों की तत्परता से संभावित बड़ा हादसा टल गया और यात्रियों को सुरक्षित रखा जा सका।
आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। ट्रैक का बारीकी से निरीक्षण किया गया और रेलवे लाइन पर रखी लोहे की प्लेट को हटाकर सुरक्षा जांच पूरी की गई।
10 मिनट बाद फिर शुरू हुआ ट्रेन का संचालन
सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद लगभग 10 मिनट के भीतर बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस को दोबारा रवाना कर दिया गया। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को पूरी जानकारी देकर स्थिति सामान्य बनाई।
कुछ देर के लिए मची अफरा-तफरी
अचानक ट्रेन रुकने और ट्रैक पर संदिग्ध वस्तु मिलने की सूचना से यात्रियों में कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल बन गया। हालांकि अधिकारियों ने सभी को शांत रहने की अपील की और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
लोहे की प्लेट किसने रखी? जांच शुरू
रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। आरपीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि रेलवे ट्रैक पर लोहे की प्लेट किसने और किस मंशा से रखी। यदि किसी की संलिप्तता सामने आती है तो रेलवे अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सतर्क कर्मचारियों की हो रही सराहना
रेलवे अधिकारियों और यात्रियों ने ट्रेन चालक नवनीत कुमार और गार्ड राजीव कुमार की सतर्कता की सराहना की है। उनकी समय पर की गई कार्रवाई ने एक संभावित बड़े रेल हादसे को टालते हुए सैकड़ों लोगों की जान बचा ली।