पीएम मोदी दो दिन की इजरायल यात्रा पर हैं। आपको बता दें कि, इस दौरे को भारत और इजरायल के रिश्तों के लिए एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है। रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश और तकनीक जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत इस यात्रा के केंद्र में है।
पीएम मोदी ने इजरायली संसद को किया संबोधित
वहीं इस दौरान पीएम मोदी ने इजरायली संसद को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि, इस प्रतिष्ठित सदन के सामने खड़ा होना मेरे लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है। मैं भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर और एक पुरानी सभ्यता के प्रतिनिधि के तौर पर दूसरी सभ्यता को संबोधित करते हुए ऐसा कर रहा हूं। पीएम मोदी ने आगे अपने संबोधन में कहा कि, मैं अपने साथ 1.4 बिलियन भारतीयों का अभिवादन और दोस्ती, सम्मान और साझेदारी का संदेश लाया हूं।
भारत ने दूसरे देशों के साथ कई जरूरी ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं
पीएम मोदी ने आगे कहा कि, पिछले कुछ सालों से, भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी इकॉनमी रहा है। जल्द ही, हम दुनिया की टॉप तीन इकॉनमी में शामिल होंगे। इजरायली पार्लियामेंट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, पिछले कुछ सालों में, भारत ने दूसरे देशों के साथ कई जरूरी ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं...हमारी टीमें एक बड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं।
सांसदों ने 'मोदी, मोदी के नारे लगाए
इसके बाद पीएम मोदी इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। इसके अलावा नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति आइसेक हरजोग से भी मुलाकात करेंगे। आपको बता दें कि, पीएम मोदी इजरायल की संसद नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए। उनके पहुंचने से पहले ही सांसदों ने 'मोदी, मोदी के नारे लगाए, जिससे वहां का माहौल उत्साहपूर्ण हो गया।
इस यात्रा में रक्षा और सुरक्षा सहयोग अहम मुद्दा है
इस यात्रा में रक्षा और सुरक्षा सहयोग अहम मुद्दा है। भारत के स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम 'सुदर्शन चक्र' और इजरायल की आयरन डोम तकनीक पर संभावित सहयोग पर चर्चा हो सकती है। दोनों देश रक्षा संबंधों को सिर्फ खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि संयुक्त उत्पादन और उन्नत रक्षा प्रणालियों के विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।
Comments (0)