पिछले कई दिनों से सोने-चांदी के भाव में भारी गिरावट देखने के बाद अब कीमती धातुओं के बाजार ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली है। देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी गोल्ड–सिल्वर की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। कमोडिटी बाजार में तेजी से आए इस बदलाव ने निवेशकों का ध्यान फिर से कीमती धातुओं की ओर खींचा है। खासतौर पर चांदी के दामों में आई जोरदार उछाल ने बाजार को एक नई दिशा दी है, जिसने दोबारा 2.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छू लिया है।
गिरावट से उभरता बाजार और बढ़ती मजबूती
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, पिछले सेशन में 24 कैरेट सोना 424 रुपये की गिरावट के साथ 1,52,078 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इससे पहले यह 1,52,502 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसी तरह 22 कैरेट सोना भी 1,39,692 रुपये से घटकर 1,39,303 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। लगातार कई सेशन में दर्ज की गई इस गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया था, लेकिन अब तेजी के संकेत बताते हैं कि बाजार एक बार फिर मजबूत होने की ओर अग्रसर है। अचानक आई इस बढ़त ने निवेशकों के लिए नए अवसर भी पैदा किए हैं।
तेज करेक्शन के पीछे छिपा बाजार का गणित
बीते दिनों सोने-चांदी में जो भारी गिरावट दर्ज हुई, वह मूलतः वैश्विक आर्थिक संकेतों, डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव से प्रभावित रही। सोना अपने ऑल टाइम हाई से काफी नीचे आ चुका था, जबकि चांदी ने भी तेज गिरावट दिखाई। इसके बाद जो करेक्शन आया, उसने बाजार को नई स्थिरता प्रदान की। कीमती धातुओं में सुधार इसलिए भी देखा जा रहा है क्योंकि निवेशक अब मंदी के जोखिम और वैश्विक अस्थिरता के बीच सुरक्षित विकल्पों की ओर लौट रहे हैं। वहीं मौसमी मांग और घरेलू बाजार में बढ़ी खरीदारी ने भी दामों को सहारा दिया है।
बड़े शहरों में आज सोने के ताज़ा दाम
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई सहित अन्य महानगरों में सोने के दामों में आज भी अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज 1,56,750 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि 22 कैरेट सोना 1,43,700 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है। 18 कैरेट सोना 1,17,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। इसके मुकाबले मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद में 24 कैरेट सोने के दाम दिल्ली से अपेक्षाकृत कम रहे, जिससे इन बाजारों में खरीदारी का माहौल और बेहतर बना है।
क्या आगे होगा और सस्ता या लौटेगी तेजी
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतकों, कच्चे तेल के दाम, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ग्लोबल पॉलिसी फैसलों पर निर्भर करेगी। अगर आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है तो सोने-चांदी में स्थिरता या हल्की बढ़त देखने को मिल सकती है। हालांकि तेज करेक्शन के बाद बाजार के दोबारा संभलने से यह भी संकेत मिलता है कि दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह चरण आकर्षक साबित हो सकता है। मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह कहना मुश्किल नहीं कि आने वाले समय में गोल्ड–सिल्वर बाजार फिर से बड़ी हलचल का केंद्र बन सकता है।
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