मुंबई नगर निगम को आखिरकार नया मेयर मिल गया है। भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ नेता और कॉर्पोरेटर रितु तावड़े को मुंबई मेयर पद का उम्मीदवार घोषित किया है। इसकी औपचारिक घोषणा बीजेपी मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने की। वहीं, उपमहापौर पद शिवसेना के खाते में गया है, जिसके लिए संजय शंकर घाड़ी को उम्मीदवार बनाया गया है।
पहली बार मुंबई में बीजेपी का मेयर
रितु तावड़े बीजेपी की सीनियर कॉर्पोरेटर मानी जाती हैं और पार्टी-संगठन में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें पहले से ही मेयर पद की प्रबल दावेदार माना जा रहा था। मुंबई में यह पहली बार है जब बीजेपी का मेयर बनने जा रहा है। बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का चुनाव गठबंधन में लड़ा था। महायुति के कुल 118 कॉर्पोरेटर्स चुने गए, जिनमें 89 बीजेपी और 29 शिंदे गुट की शिवसेना के हैं।
रितु तावड़े का राजनीतिक सफर
रितु तावड़े ने वर्ष 2012 में वार्ड नंबर 127 से जीत हासिल कर नगर राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 2017 में वह घाटकोपर के वार्ड नंबर 121 से निर्वाचित हुईं। हाल ही में 2025 के चुनाव में उन्होंने वार्ड नंबर 132 से फिर जीत दर्ज की। नगर निगम में अपने कार्यकाल के दौरान वह मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की एजुकेशन कमिटी की चेयरमैन भी रह चुकी हैं। शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनके काम को अहम माना जाता है। बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि उनके अनुभव और संगठनात्मक क्षमता से मुंबई को मजबूत और प्रभावी नेतृत्व मिलेगा।
शिवसेना को मिला डिप्टी मेयर पद
मुंबई में उपमहापौर पद शिवसेना को मिला है। पार्टी ने संजय शंकर घाड़ी को डिप्टी मेयर उम्मीदवार घोषित किया है। संगठन और नगर राजनीति में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। 57 वर्षीय संजय घाड़ी दहिसर के वार्ड नंबर 5 से कॉर्पोरेटर हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई महानगरपालिका स्कूल से ली, इसके बाद छबिलदास हाई स्कूल, दादर से माध्यमिक शिक्षा और सिद्धार्थ कॉलेज, फोर्ट से बी.कॉम. की डिग्री प्राप्त की।
राज ठाकरे से पुराना नाता
संजय घाड़ी कभी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के करीबी सहयोगी रहे हैं। वे भारतीय विद्यार्थी सेना के समय से राज ठाकरे के साथ जुड़े रहे। 2007 में MNS की स्थापना के बाद उन्होंने पार्टी से चुनाव भी लड़ा था। बाद में वह उद्धव ठाकरे की शिवसेना में शामिल हुए और कॉर्पोरेटर बने। अप्रैल 2024 में उन्होंने उद्धव गुट की शिवसेना छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया।
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