हिमाचल प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है और ठंड ने दस्तक दे दी है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में बर्फबारी भी शुरू हो गई है। 16 सितंबर की देर रात धौलाधार की पहाड़ियों से सीजन की पहली बर्फबारी की शुरुआत हुई। इसके बाद से यहां लगातार बर्फ गिर रही है। धौलाधार पर्वत श्रृंखला की तलहटी में बसे कांगड़ा जिले में हल्की ठंड पड़नी शुरू हो गई है। बर्फबारी केवल धौलाधार तक सीमित नहीं रही बल्कि प्रदेश के 16,000 फीट से ऊंचे सभी पहाड़ों पर बर्फबारी दर्ज की गई है। भरमौर में भी 18 सितंबर को बर्फबारी देखी गई।
लाहौल-स्पीति में 300 लोग फंसे
पहली बर्फबारी प्रदेश के लिए आफत बन गई। लाहौल-स्पीति में एक पवित्र यात्रा के दौरान अचानक बर्फबारी शुरू होने से 300 लोग फंस गए। ऊंचाई वाले इलाके में मौसम के अचानक बदलने से श्रद्धालुओं की स्थिति नाजुक हो गई। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पहाड़ी इलाके में बर्फबारी और कठिन रास्तों के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण रहा। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल पूरी तरह सक्रिय हैं।
रेस्क्यू के दौरान दो महिलाओं की मौत
लाहौल-स्पीति में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दो महिलाओं की मौत हो गई। बर्फबारी और ठंड के कारण उनकी हालत बिगड़ गई थी। राहत दल ने उन्हें निकालने की पूरी कोशिश की लेकिन वे बच नहीं सकीं। इस घटना ने पूरे अभियान को और संवेदनशील बना दिया है। बाकी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने मौसम की प्रतिकूलता को देखते हुए आगे की यात्राओं पर रोक लगाने या सावधानी बरतने की सलाह दी है। दो महिलाओं की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
ऊंचे पहाड़ों पर व्यापक बर्फबारी
बुधवार की देर रात से शुरू हुई बर्फबारी धौलाधार, भरमौर और लाहौल-स्पीति समेत कई इलाकों में फैल गई है। 16,000 फीट से ऊंचे सभी पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है। इससे इन क्षेत्रों में सर्दी का प्रभाव बढ़ गया है। तापमान में गिरावट के कारण स्थानीय लोगों और पर्यटकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बर्फबारी की संभावना जताई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सड़कें प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन तैयारियों में जुटा है।
प्रशासन की सतर्कता और आगे की सलाह
हिमाचल प्रदेश प्रशासन ने बर्फबारी प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी है। फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने पर जोर दिया जा रहा है। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए पर्यटकों और श्रद्धालुओं को ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा से बचने या पूरी तैयारी के साथ निकलने की सलाह दी गई है। स्थानीय निवासियों को भी ठंड से बचाव के उपाय अपनाने को कहा गया है। पहली बर्फबारी ने साफ कर दिया है कि सर्दियों का मौसम अब सक्रिय हो चुका है और सतर्कता बरतना जरूरी है।