नई दिल्ली - दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडी गठबंधन की महारैली के दौरान विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सपा सांसद नारायण दास अहिरवार समेत कई नेता शामिल हुए। नेताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने, लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने 1.27 करोड़ वोट कम होने का मुद्दा उठाया
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उन्होंने खुद 1 करोड़ 27 लाख वोट कम होने की बात स्वीकार की है। अखिलेश ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री को इस आंकड़े की याद उस समय क्यों आई, जब उन्हें एमएलसी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग डबल इंजन की बात करते थे, वे अब डबल जीरो हो गए हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि हार स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग के साथ मिलकर दोबारा मतगणना कराई गई। उन्होंने इसे एक ही चुनाव में दोहरी हार करार दिया।
अखिलेश ने मुख्यमंत्री के उस कथित दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें 1.27 करोड़ वोटों को हिंदुओं का वोट नहीं बताया गया। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री को यह आंकड़ा कहां से मिला और इसकी जानकारी किसने दी। उनके मुताबिक, इतनी विशिष्ट जानकारी का स्रोत स्पष्ट होना चाहिए।
संजय राउत बोले- लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुट है विपक्ष
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने रामलीला मैदान की सभा को सामान्य कार्यक्रम के बजाय मेगा रैली बताया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
राउत ने दावा किया कि देशभर के लोग लोकतंत्र को बचाने के लिए इस मैदान में एकजुट होंगे। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों की एकता का जिक्र करते हुए कहा कि यह आंदोलन जल्द समाप्त होने वाला नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग के मौजूदा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा किया
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने रैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि हरियाणा से बड़ी संख्या में लोग रामलीला मैदान पहुंच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों में सरकार के खिलाफ नाराजगी है और चुनाव आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची से नाम हटाए गए हैं।
दीपेंद्र हुड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि रैली में आने वाले लोगों को रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग की गई और यातायात धीमा करने की कोशिश हुई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में हरियाणा पुलिस से बात की गई है और लोगों के आवागमन में बाधा नहीं डालने की मांग की गई है।
भूपेंद्र हुड्डा बोले- शांतिपूर्ण तरीके से होगी रैली
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग रैली में शामिल होने पहुंचे हैं। उन्होंने इसे जनता की आवाज बताते हुए कहा कि लोग चुनाव आयोग के मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने आए हैं।
बैरिकेडिंग और व्यापारियों को होने वाले संभावित नुकसान पर हुड्डा ने कहा कि रैली शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि रैली में आने वाले लोग खरीदारी करेंगे, इसलिए व्यापारियों को नुकसान होने की आशंका नहीं है।
नारायण दास अहिरवार ने गिनाईं आम लोगों की परेशानियां
समाजवादी पार्टी के सांसद नारायण दास अहिरवार ने कहा कि व्यापारी, मध्यम वर्ग, मजदूर और किसान सहित समाज का हर वर्ग परेशान है। उन्होंने सत्ताधारी दल के नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्हें झूठ बोलने की आदत हो गई है।
रामलीला मैदान की इस रैली में विपक्षी नेताओं ने अपने भाषणों के जरिए मतदाता सूची, चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाया। वहीं, नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब इस खबर में शामिल नहीं है।