नई दिल्ली - केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र के सम्मान के नाम पर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। नड्डा ने इस कार्यक्रम को जनता द्वारा बार-बार नकारे गए नेताओं का राजनीतिक ड्रामा बताते हुए कहा कि भारत संविधान और जनता के जनादेश से चलेगा, न कि किसी की कथित दंगा आधारित राजनीति से।
राहुल गांधी की राजनीति के मॉडल पर उठाए सवाल
जे.पी. नड्डा ने राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल उठाते हुए चार चरणों का जिक्र किया। उनके मुताबिक, पहला चरण झूठ बोलना और अफवाह फैलाना, दूसरा सड़कों पर अराजकता और उपद्रव करना, तीसरा देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना और चौथा विदेशी ताकतों के इशारे पर चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास करना है। नड्डा ने इन आरोपों के जरिए कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक रणनीति पर सवाल खड़े किए। हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप और दावे हैं।
1 नवंबर के कार्यक्रम के चार मकसद बताए
केंद्रीय मंत्री ने 1 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इसके चार कथित मकसद गिनाए। नड्डा के अनुसार, पहला उद्देश्य सिख समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कना, दूसरा दिल्ली में दंगा और अराजकता फैलाकर चुनी हुई सरकार को हटाने की साजिश करना, तीसरा त्योहारों के मौसम में दुकानदारों और व्यापारियों की कमाई को नुकसान पहुंचाना और चौथा देश की छवि खराब करना है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के कार्यक्रमों से दिल्ली के आम नागरिकों और कारोबारियों को परेशानी हो सकती है।
संविधान और जनता के जनादेश से चलेगा देश
नड्डा ने कहा कि भारत एक मजबूत लोकतंत्र है और देश का संचालन संविधान तथा जनता के जनादेश के आधार पर होता है। उन्होंने कांग्रेस की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को किसी भी तरह की अराजकता के हवाले नहीं किया जा सकता।
अपने बयान के अंत में नड्डा ने दावा किया कि यह रैली कांग्रेस के राजनीतिक पतन की दिशा में एक और कदम साबित होगी। उनके इस बयान से कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।