भारत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अधिक सुरक्षित और आकर्षक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले 12 वर्षों में पर्यटन क्षेत्र में कई अहम सुधार किए हैं। इन बदलावों के बाद अब देश में घरेलू और विदेशी पर्यटक बिना किसी बड़ी चिंता के यात्रा कर सकते हैं।
24×7 बहुभाषी टूरिस्ट हेल्पलाइन सेवा शुरू
पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, यात्रियों की सहायता के लिए सरकार ने 24×7 बहुभाषी हेल्पलाइन सेवा शुरू की है। किसी भी आपात स्थिति, शिकायत या जानकारी के लिए पर्यटक टोल-फ्री नंबर 1363 पर संपर्क कर सकते हैं।
यह हेल्पलाइन 24 घंटे सक्रिय रहती है और 12 अलग-अलग भाषाओं में सहायता प्रदान करती है, जिससे भाषा की समस्या के कारण किसी पर्यटक को परेशानी न हो।
टूरिस्ट पुलिस व्यवस्था से बढ़ी सुरक्षा
पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर टूरिस्ट पुलिस की विशेष व्यवस्था लागू की गई है। यह प्रणाली वर्तमान में गोवा, केरल, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर सहित देश के 15 प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय है।
टूरिस्ट पुलिस का मुख्य उद्देश्य
- टूरिस्ट पुलिस का मुख्य कार्य पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। इसमें शामिल हैं—
- पर्यटन स्थलों पर धोखाधड़ी और ठगी को रोकना
- पर्यटकों को दिशा-निर्देश और सहायता देना
- किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार पर तुरंत कार्रवाई करना
- सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना
पर्यटकों के लिए 24 घंटे मदद की सुविधा
सरकार का उद्देश्य है कि यात्रा के दौरान किसी भी परिस्थिति में पर्यटकों को तुरंत सहायता मिल सके। 24×7 हेल्पलाइन और टूरिस्ट पुलिस मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि देश में यात्रा करने वाला हर व्यक्ति सुरक्षित महसूस करे।
भारत को वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में कदम
पर्यटन मंत्रालय का कहना है कि ये सभी कदम भारत को एक विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बेहतर सुरक्षा, त्वरित सहायता और आधुनिक सुविधाओं के कारण भारत अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए और अधिक भरोसेमंद बनता जा रहा है।