कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले को "घोर अपराध" बताते हुए संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को तत्काल सेवा से बर्खास्त करने की मांग की है।
फेसबुक पोस्ट के जरिए जताया विरोध
दिग्विजय सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट साझा कर मीनाक्षी नटराजन का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने चुनाव अधिकारी के निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ईमानदार और गांधीवादी नेता के साथ अन्याय किया गया है।
‘शुद्ध गांधीवादी नेता हैं मीनाक्षी’
अपने पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने लिखा कि मीनाक्षी नटराजन वर्तमान राजनीतिक परिवेश में उन चुनिंदा नेताओं में से हैं, जिनका जीवन, व्यवहार और कार्यशैली पूरी तरह गांधीवादी मूल्यों पर आधारित है।
उन्होंने कहा, "मैं मीनाक्षी को उस समय से जानता हूं जब वह रतलाम में छात्रा थीं। आज के राजनीतिक माहौल में उनके जैसा गांधीवादी नेता मिलना बेहद दुर्लभ है।"
आपराधिक मामला छिपाने के आरोप को बताया निराधार
नामांकन रद्द किए जाने के कारणों पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन पर किसी आपराधिक मामले को छिपाने का आरोप पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद है।
उन्होंने कहा, "सच्चाई यह है कि मीनाक्षी नटराजन पर कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज ही नहीं है। ऐसे में उनके नामांकन को रद्द करना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता।"
रिटर्निंग ऑफिसर पर कार्रवाई की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना ठोस आधार के किसी उम्मीदवार का नामांकन रद्द करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि जिस रिटर्निंग ऑफिसर ने यह निर्णय लिया है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उसे सेवा से बर्खास्त किया जाए।
सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल
दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस इस मामले को लेकर निर्वाचन आयोग के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराने की तैयारी में है। वहीं, मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने का मुद्दा अब राज्यसभा चुनाव की राजनीति में बड़ा विवाद बनता नजर आ रहा है।