भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश की राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फॉर्म खारिज किए जाने के मामले में पार्टी को अब तक चुनाव आयोग (ECI) से कोई राहत नहीं मिली है। आयोग की ओर से कोई स्पष्ट जवाब न आने के बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की तैयारी शुरू कर दी है।
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को पलटने की मांग की थी। हालांकि देर रात तक आयोग की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
नाम वापसी का अंतिम दिन, बढ़ी राजनीतिक हलचल
राज्यसभा चुनाव के लिए नाम वापसी की अंतिम तिथि आज यानी 11 जून है। यदि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप नहीं होता है, तो मध्यप्रदेश की तीनों सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।
कांग्रेस का कहना है कि यदि दोपहर तीन बजे तक आयोग से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिलता, तो पार्टी सुप्रीम कोर्ट के साथ-साथ राष्ट्रपति से भी गुहार लगाएगी।
कांग्रेस का प्रदर्शन और दिल्ली कूच की तैयारी
भोपाल में बुधवार को कांग्रेस विधायकों ने रोशनपुरा चौराहे पर उपवास और धरना दिया। वहीं अब गुरुवार को कांग्रेस के सभी 62 विधायक दिल्ली कूच करेंगे, जहां वे चुनाव आयोग और राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपनी मांग रखेंगे।
नामांकन रद्द करने का आधार और विवाद
भाजपा की आपत्ति के आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया गया था। आरोप है कि उनके हलफनामे में एक आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई गई थी। रिटर्निंग ऑफिसर ने दस्तावेजों की जांच के बाद नामांकन निरस्त कर दिया।