नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल शामिल होंगे। बैठक का मुख्य विषय ‘2047 तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास’ रखा गया है, जिसमें भारत के दीर्घकालिक विकास मॉडल और मानव संसाधन को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
नीति आयोग की बैठक में होगा समावेशी विकास पर फोकस
इस बैठक में देश के विकास को समावेशी बनाने के लिए एक व्यापक ढांचे पर विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने सुझाव साझा करेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि विकास की प्रक्रिया में हर वर्ग और हर क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि 2047 तक विकसित भारत के विजन को मजबूती मिल सके।
मानव पूंजी और कौशल विकास पर रहेगा विशेष जोर
बैठक में मुख्य रूप से ‘मूलभूत मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल’ पर चर्चा होगी। इसमें युवाओं को रोजगार योग्य बनाने, तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने जैसे विषय शामिल रहेंगे। साथ ही उत्पादक रोजगार और विकेंद्रीकृत विकास मॉडल पर भी विचार किया जाएगा, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच विकास का संतुलन बनाया जा सके।
स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक समानता पर भी चर्चा
नीति आयोग की इस बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण सुधार और सामाजिक कल्याण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। इसके अलावा सभी नागरिकों के लिए समान अवसर, सामाजिक न्याय और गरिमा सुनिश्चित करने के उपायों पर भी विचार होगा। सरकार का फोकस है कि देश के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा सके।
देशभर के नेता होंगे शामिल
इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल/प्रशासक, केंद्रीय मंत्री, नीति आयोग के उपाध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे। बैठक में राज्यों के अनुभवों और चुनौतियों को साझा कर एक साझा विकास रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
विकसित भारत 2047 के रोडमैप पर मंथन
सरकार का लक्ष्य है कि भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित किया जाए। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह बैठक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिसमें आने वाले वर्षों की विकास रणनीति तय की जाएगी।