नई दिल्ली. अप्रैल के दूसरे सप्ताह में प्रवेश करते ही देश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजधानी दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और यह अपने चरम की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। राजस्थान के पश्चिमी भागों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को दिन के समय तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
पहाड़ी क्षेत्रों में राहत, ठंड और बारिश का असर
जहां मैदानी इलाकों में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है। हिमालयी राज्यों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। एक प्रमुख पर्वतीय नगर में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो लंबे समय बाद दर्ज किया गया एक उल्लेखनीय आंकड़ा है। इस बदलाव ने स्थानीय लोगों को गर्मी से राहत प्रदान की है।
11 राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने देश के 11 राज्यों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई है। इन राज्यों में उत्तरी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी क्षेत्र शामिल हैं, जहां कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। विशेष रूप से पूर्वोत्तर राज्यों में आगामी दिनों तक गरज-चमक के साथ वर्षा का क्रम जारी रहने की संभावना है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में मौसम की सक्रियता
दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में अगले पांच दिनों तक आंधी और बिजली के साथ तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में भी 14 अप्रैल तक गरज के साथ हल्की से मध्यम वर्षा और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की गई है, जिससे सतर्क रहने की आवश्यकता है।
पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने से बढ़ी गर्मी
मौसम के इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ का कमजोर पड़ना एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। इसके चलते मध्य और उत्तर भारत में तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में 6 से 8 डिग्री, पूर्वी भारत में 5 से 7 डिग्री और मध्य भारत में 3 से 5 डिग्री तक वृद्धि होने की संभावना जताई गई है।
हीट वेव का खतरा, कुछ राज्यों में अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य भारत के कुछ हिस्सों में 14 से 16 अप्रैल के बीच लू चलने की स्थिति बन सकती है। इसके साथ ही पूर्वी तटीय क्षेत्रों में भी 13 और 14 अप्रैल को अत्यधिक गर्मी और लू का प्रभाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त जल सेवन करने की आवश्यकता है।
बदलते मौसम में सतर्कता ही सुरक्षा
देशभर में एक साथ दो तरह के मौसम का प्रभाव देखने को मिल रहा है, जहां एक ओर गर्मी बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर आंधी और बारिश का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में आवश्यक है कि लोग मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अपनी दिनचर्या में आवश्यक बदलाव लाएं। यह समय स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति सजग रहने का है, ताकि मौसम के इस परिवर्तन का प्रभाव न्यूनतम किया जा सके।