भारतीय रेलवे ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए अपने नियमों को और सख्त कर दिया है। अब रेलवे परिसर में गंदगी फैलाना यात्रियों की जेब पर पहले से ज्यादा भारी पड़ेगा। स्वच्छता से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर लगने वाले अधिकतम जुर्माने को ₹500 से बढ़ाकर ₹1,000 कर दिया गया है। नए नियमों को अगस्त 2026 में अधिसूचित किया गया है और इनके लागू होने के बाद रेलवे परिसरों में नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।
ट्रेन में कूड़ा फेंका तो देना होगा ₹1,000
नए प्रावधानों के तहत ट्रेन के डिब्बे, प्लेटफॉर्म या रेलवे स्टेशन परिसर में निर्धारित स्थान के अलावा कहीं भी कूड़ा या अन्य तरह का कचरा फेंकना दंडनीय होगा। यानी सफर के दौरान खिड़की से कचरा बाहर फेंकना या प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर कचरा छोड़ना अब पहले के मुकाबले ज्यादा महंगा पड़ेगा। रेलवे का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना है।
सिर्फ कूड़ा फेंकना ही नहीं, इन कामों पर भी कार्रवाई
संशोधित नियम केवल कूड़ा फैलाने तक सीमित नहीं हैं। रेलवे परिसर में निर्धारित जगह के बाहर थूकना, पेशाब या शौच करना, बिना अनुमति खाना पकाना या नहाना भी नियमों के दायरे में आता है। इसके अलावा ऐसी जगहों पर कपड़े, बर्तन या वाहन धोना भी प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल है, जहां इसके लिए व्यवस्था नहीं की गई है।
रेलवे की संपत्ति पर पोस्टर या लिखावट भी पड़ेगी भारी
रेलवे परिसर और ट्रेन के डिब्बों को गंदा या बदरंग करने वाली गतिविधियों पर भी सख्ती की गई है। बिना अनुमति रेलवे की संपत्ति पर पोस्टर चिपकाना, कुछ लिखना या चित्र बनाना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है। इसका मकसद रेलवे की संपत्ति को नुकसान और गंदगी से बचाना है।
जुर्माना देने से इनकार किया तो कोर्ट में पेशी
अगर कोई व्यक्ति मौके पर लगाया गया ₹1,000 का जुर्माना भरने से इनकार करता है या भुगतान नहीं करता, तो मामला आगे बढ़ सकता है। ऐसे व्यक्ति को सक्षम अदालत के सामने पेश किया जा सकता है, जहां उसके खिलाफ ₹2,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यानी जुर्माना नहीं भरना मामले को और गंभीर बना सकता है।
वेंडर और हॉकर भी नियमों के दायरे में
रेलवे परिसरों में काम करने वाले अधिकृत वेंडर और हॉकरों को भी स्वच्छता नियमों का पालन करना होगा। उन्हें कचरा जमा करने के लिए उचित व्यवस्था रखने और उसे निर्धारित स्थान पर पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। इससे रेलवे स्टेशनों पर दुकानों और खान-पान की गतिविधियों से निकलने वाले कचरे को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
2012 के नियमों में संशोधन के बाद बढ़ा जुर्माना
यह बदलाव Indian Railways Rules, 2012 में संशोधन के जरिए किया गया है। रेलवे मंत्रालय की अधिसूचना के बाद संशोधित प्रावधान प्रभावी हुए हैं। रेलवे का उद्देश्य बढ़े हुए जुर्माने के जरिए यात्रियों और रेलवे परिसर में आने वाले अन्य लोगों को स्वच्छता नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना है।
रेलवे का संदेश- सफर के साथ स्वच्छता की जिम्मेदारी भी निभाएं
हर दिन लाखों यात्री रेलवे का इस्तेमाल करते हैं और ऐसे में स्टेशनों व ट्रेनों को साफ रखना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती है। बढ़े हुए जुर्माने के जरिए रेलवे नियम तोड़ने वालों पर आर्थिक दबाव बढ़ाना चाहता है। यात्रियों से भी अपील है कि वे कचरा निर्धारित डस्टबिन में ही डालें और रेलवे परिसर को साफ रखने में सहयोग करें।