पटियाला. पंजाब के पटियाला जिले में राजपुरा के पास शुक्रवार दोपहर कर्मभूमि एक्सप्रेस ट्रेन में भीषण हादसा हो गया। अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी जा रही यह ट्रेन संख्या 12508 साधुगढ़ रेलवे स्टेशन से 12:58 बजे रवाना हुई थी। इसके कुछ ही समय बाद ट्रेन के चार जनरल कोच में अचानक धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। आग पांचवें कोच तक फैल गई जिसका नंबर 265287जीएस बताया गया है। यह इंजन से पांचवां कोच था। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और यात्री अपनी जान बचाने के लिए कोच से बाहर निकलने लगे।
प्रभावित कोच और ट्रेन की स्थिति
रेलवे अधिकारियों के अनुसार आग मुख्य रूप से जनरल कोच में लगी थी और तेजी से फैलने लगी। चलती ट्रेन में आग लगने से स्थिति बेहद खतरनाक हो गई थी। यात्रियों ने खिड़कियों और दरवाजों से बाहर निकलना शुरू कर दिया। कई यात्री जान बचाने के लिए पटरियों पर उतर गए। रेलवे की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अभी तक किसी यात्री के गंभीर रूप से घायल होने या मौत की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। घटना के समय ट्रेन फतेहगढ़ साहिब जिले के क्षेत्र में थी और वहां की स्थानीय प्रशासनिक मशीनरी भी तुरंत सक्रिय हो गई।
यात्रियों में फैली दहशत और बचाव अभियान
आग की लपटें और घने धुएं को देखकर यात्रियों में दहशत फैल गई। महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हुए। कई यात्री अपना सामान छोड़कर सिर्फ जान बचाने में जुट गए। रेलवे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने भी बचाव में सहयोग किया। प्रभावित कोच और आसपास के डिब्बों से यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटनास्थल पर जमा हुई भीड़ और अफरा-तफरी के बावजूद बचाव कार्य व्यवस्थित तरीके से चलाया गया। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
दमकल और स्थानीय प्रशासन की तत्काल कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों, स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने तुरंत आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। कई दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और घंटों तक आग बुझाने का कार्य जारी रहा। पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी तथा यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित किया। स्थानीय प्रशासन ने भी राहत सामग्री उपलब्ध कराने का प्रबंध किया ताकि प्रभावित यात्री असुविधा से बच सकें।
मेडिकल राहत ट्रेन और एआरएमई की रवानगी
रेलवे ने यात्रियों की चिकित्सा सहायता के लिए अंबाला से दोपहर 1:20 बजे मेडिकल राहत ट्रेन रवाना की। इसके साथ ही एआरएमई यानी एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल इक्विपमेंट भी भेजा गया। इन टीमों को यह निर्देश दिया गया कि वे घटनास्थल पहुंचकर घायलों की तुरंत जांच करें और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएं। हालांकि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार कोई गंभीर चोट की सूचना नहीं मिली है फिर भी सतर्कता बरतते हुए यह व्यवस्था की गई। रेलवे की यह तेजी सराहनीय रही जिससे बड़ी दुर्घटना होने से रोकी जा सकी।
डीआरएम का घटनास्थल पहुंचना और जांच प्रक्रिया
अंबाला रेलवे मंडल के डीआरएम विनोद कुमार भाटिया स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। डीआरएम ने बताया कि फिलहाल किसी के घायल होने या मौत की कोई सूचना नहीं है। आग लगने के确切 कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। रेलवे अधिकारियों की उच्च स्तरीय टीम घटना की जांच कर रही है। जांच में बिजली की शॉर्ट सर्किट, किसी यात्री की लापरवाही या अन्य तकनीकी खराबी की संभावनाओं पर गौर किया जा रहा है। सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।