कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन के अंत के साथ ही अब पार्टी के भीतर का असंतोष और भ्रष्टाचार खुलकर सामने आने लगा है। निवर्तमान खेल राज्य मंत्री और पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने एक विस्फोटक इंटरव्यू में ममता बनर्जी की पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए 'तृणमूल अध्याय' को हमेशा के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया है।
टिकट के बदले 5 करोड़ की मांग
मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि शिवपुर से दोबारा टिकट पाने के लिए उनसे 5 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। उन्होंने दावा किया:
पैसे देने से इनकार करने के कारण उन्हें इस बार टिकट नहीं दिया गया।
लगभग 70-72 उम्मीदवारों ने 5-5 करोड़ रुपये देकर टिकट खरीदे हैं।
पूरी पार्टी भ्रष्टाचार में डूबी हुई थी, इसलिए इस हार से उन्हें कोई आश्चर्य नहीं है।
कैबिनेट मंत्री अरूप विश्वास पर सीधा हमला
मनोज ने कैबिनेट मंत्री अरूप विश्वास के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि वे खेल की 'ABC' भी नहीं समझते और बहुत असुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री उन्हें मंच पर चढ़ने तक नहीं देते थे और डूरंड कप जैसे आयोजनों से उनका नाम और फोटो जानबूझकर हटाया गया। साल्ट लेक स्टेडियम में मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुए कुप्रबंधन पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
मंत्रिपद को बताया 'लॉलीपॉप'
मनोज तिवारी ने कहा कि उनके लिए खेल राज्य मंत्री का पद महज एक 'लॉलीपॉप' था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से विकास कार्यों की बात करने जाते थे, तो उन्हें यह कहकर चुप करा दिया जाता था कि उनके पास समय नहीं है। साथ ही, हावड़ा नगर निगम के प्रशासकों ने उन्हें इलाके की ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने के काम में भी बाधा पहुँचाई।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर कड़ा जवाब
इलाके के प्रमोटरों से पैसे लेने के आरोपों पर हंसते हुए मनोज ने कहा, "2021 में मेरे पास 20 करोड़ रुपये कैश थे। 10 साल IPL और 20 साल रणजी खेलने के बाद मुझे रंगदारी के पैसों की जरूरत नहीं है।"
भविष्य की योजना: अब क्रिकेट के मैदान में वापसी
राजनीति के कड़वे अनुभव के बाद मनोज तिवारी अब वापस क्रिकेट की दुनिया में लौट रहे हैं। वे BCCI की लेवल-2 कोचिंग परीक्षा पास कर चुके हैं और बंगाल की रणजी टीम का कोच बनने के लिए CAB में आवेदन भी कर दिया है।