मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच भड़के संघर्ष के बाद MHA ने सभी राज्यों को संभावित सांप्रदायिक तनाव को लेकर सचेत किया है। 28 फरवरी को भेजे गए पत्र में मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया के ताजा सैन्य घटनाक्रम का भारत की आंतरिक सुरक्षा पर अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है, विशेषकर धार्मिक आयोजनों, जुलूसों और भीड़-भाड़ वाली सभाओं में विदेशी घटनाओं का उल्लेख होने पर स्थिति बिगड़ने का खतरा बढ़ सकता है।
अशांति फैलाने वाले समूहों पर कड़ी निगरानी
राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे व्यक्तियों, संगठनों और रेडिकल उपदेशकों पर करीबी नजर रखें जो उकसाने वाले भाषणों के जरिए साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ सकते हैं। मंत्रालय ने बेहतर इंटेलिजेंस, समन्वय और समय पर हस्तक्षेप पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर लॉ-एंड-ऑर्डर की स्थिति न बिगड़ने दी जाए। साथ ही खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीयों की मौजूदगी को देखते हुए, केंद्र ने शांतिपूर्ण रवैया अपनाने और स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखने की अपील की है।
कश्मीर में इंटरनेट स्पीड कम, सुरक्षा और सख्त
जम्मू-कश्मीर में एहतियाती कदम पहले ही तेज कर दिए गए हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत के बाद घाटी में हुए विरोध प्रदर्शनों के चलते मोबाइल इंटरनेट की स्पीड कम कर दी गई है। श्रीनगर में सुरक्षा उच्च स्तर पर कर दी गई है—लाल चौक स्थित घंटाघर को बैरिकेड लगाकर सील किया गया है और शहरभर में अतिरिक्त पुलिस तथा CRPF के जवान तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी भीड़ या तनावपूर्ण स्थिति को रोका जा सके।
कई जिलों में प्रदर्शन, शिया आबादी वाले क्षेत्रों में सबसे अधिक हलचल
अधिकारियों के अनुसार लाल चौक, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा सहित कई जगहों से विरोध प्रदर्शनों की खबरें आईं। कश्मीर में लगभग 15 लाख शिया आबादी का अनुमान है, जिन क्षेत्रों में भीड़ अधिक मात्रा में देखी गई। खामेनेई की मौत तेहरान में अमेरिकी-इजरायली संयुक्त एयरस्ट्राइक के दौरान हुई, जिसके बाद भारत सहित कई देशों में शोक और विरोध कार्यक्रम आयोजित हुए।
लगातार बढ़ रहा है पश्चिम एशिया में तनाव
पश्चिम एशिया में संघर्ष लगातार तेज हो रहा है। अमेरिका ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि उसका सैन्य अभियान कई हफ्तों तक जारी रह सकता है, वहीं ईरान समर्थित समूहों ने भी नए हमलों की धमकी दी है। वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने के साथ भारत की सुरक्षा एजेंसियां स्थिति की हर छोटी-बड़ी जानकारी पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
Comments (0)