डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, असंसदीय और अलोकतांत्रिक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद लोकतंत्र को मजबूत और जीवंत बनाने में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन राहुल गांधी अपने पद की मर्यादाओं का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की भाषा सार्वजनिक मंचों पर प्रयोग की जा रही है, वह पूरे लोकतंत्र का अपमान है।
राहुल गांधी पर साधा सीधा निशाना
सीएम मोहन यादव ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं, जिससे राजनीतिक संवाद का स्तर गिर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी केवल आलोचना करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करना भी है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ऐसे बयानों को पसंद नहीं करती।
इस्तीफे की मांग भी उठाई
डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी से नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि यदि वे पद की गरिमा बनाए नहीं रख पा रहे हैं, तो उन्हें इस जिम्मेदारी से हट जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को राहुल गांधी की भाषा और बयानबाजी पर कार्रवाई करनी चाहिए। मुख्यमंत्री के मुताबिक कांग्रेस नेतृत्व को इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
बयान के बाद तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
राहुल गांधी के बयान को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री और आरएसएस का अपमान बताया है, जबकि कांग्रेस की ओर से अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है।