पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय का सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे और लंबे समय से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय ने उनके निधन की पुष्टि की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया पोस्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि मुकुल रॉय को उनके राजनीतिक अनुभव और समाज सेवा के योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदनाएं प्रकट करते हुए ‘ओम शांति’ कहा। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने भी उनके निधन पर दुख जताया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
बंगाल की राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत
तृणमूल कांग्रेस के सांसद और महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मुकुल रॉय के निधन से बंगाल की राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया। उन्होंने टीएमसी के शुरुआती दौर में संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका को याद किया और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे। वे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में रेल राज्य मंत्री भी रहे।
2017 में उन्होंने टीएमसी छोड़कर भाजपा का दामन थामा
राजनीतिक जीवन मेंउन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे। वर्ष 2017 में उन्होंने टीएमसी छोड़कर भाजपा का दामन थामा और 2021 में नादिया जिले की कृष्णानगर (उत्तर) सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की। हालांकि, कुछ समय बाद वे दोबारा टीएमसी में लौट आए। उनके निधन से पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है।
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