मणिपुर: मणिपुर के संवेदनशील भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्रों में रहने वाले नागा नागरिकों की सुरक्षा को लेकर तांगखुल अजे कटनाओ लोंग यानी सदर्न तांगखुल स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष यारचुइसो काशुंग ने मंगलवार को इम्फाल में कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर मणिपुर सरकार और भारत सरकार आदिवासी नागरिकों खासकर संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में रहने वालों की सुरक्षा करने के लिए तैयार या सक्षम नहीं हैं तो लोगों के पास चीन जैसे पड़ोसी देशों से मदद लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा। संगठन ने स्थानीय आदिवासी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाए जाने की मांग की है।
सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा की मांग
काशुंग ने कहा कि सीमा से लगे संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस समय वे बेहद थक चुके हैं और नागा नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन का आरोप है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सरकारों से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील की गई है। संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा की कमी से लोगों में चिंता बढ़ी हुई है। तत्काल प्रभावी उपाय किए जाने की मांग जोरशोर से की जा रही है।
मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग
नागा नागरिकों की सुरक्षा को लेकर काशुंग ने मणिपुर के मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री राज्य और उसके लोगों की सुरक्षा करने में सक्षम नहीं हैं तो उन्हें स्वेच्छा से इस्तीफा दे देना चाहिए। संगठन ने राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने में विफल रहने पर इस्तीफे की बात कही गई है। यह मांग राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।
अलगाव की भावना का जिक्र
काशुंग के मुताबिक जब राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही परवाह नहीं करते तो सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ऐसा महसूस होता है कि वे न तो मणिपुर का हिस्सा हैं न केंद्र सरकार का और न ही भारत का। सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों के बीच बढ़ती अलगाव की भावना का जिक्र किया गया। संगठन का कहना है कि उपेक्षा की भावना से लोग अलग-थलग महसूस कर रहे हैं। सुरक्षा और विकास की कमी से यह भावना और मजबूत हो रही है। सरकारों से इस भावना को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई है।
हालिया हत्याओं पर सवाल
काशुंग ने तमेंगलोंग सेनापति और कामजोंग में नागा नागरिकों की हालिया हत्याओं का जिक्र करते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की। इन घटनाओं से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। संगठन ने इन हत्याओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालिया घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है। जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना स्थिति सामान्य नहीं हो सकती यह संगठन का रुख है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की भी मांग की गई है।
तत्काल कार्रवाई की अपील
संगठन ने कहा कि नागा नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा बल की पर्याप्त तैनाती और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। चेतावनी देते हुए संगठन ने सरकारों से गंभीरता से मामले को लेने की अपील की। उपेक्षा जारी रहने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं यह संकेत दिया गया। मणिपुर के संवेदनशील क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए ठोस उपाय जरूरी बताए गए। आगे की स्थिति पर सभी की नजर रहेगी।