राष्ट्रीय चिकित्सा परीक्षा बोर्ड (NBEMS) ने NEET-PG 2025 के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में बदलाव की घोषणा की है। यह कदम राउंड-2 काउंसलिंग के बाद देशभर में 18,000 से अधिक खाली पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटों को भरने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे न केवल उपलब्ध सीटों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा, बल्कि देश में अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने की संभावना भी है।
खाली पीजी सीटों को भरने का उद्देश्य
NBEMS के अनुसार, पर्सेंटाइल में संशोधन का मुख्य उद्देश्य यह है कि बड़ी संख्या में खाली रह गई पीजी सीटों पर योग्य उम्मीदवारों को प्रवेश मिल सके। इससे मेडिकल शिक्षा प्रणाली मजबूत होगी और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध होंगे।
शैक्षणिक मानकों में कोई समझौता नहीं
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में बदलाव के बावजूद शैक्षणिक मानकों से कोई समझौता नहीं किया गया है। यह संशोधन एमबीबीएस डिग्री धारकों को अधिक अवसर देने के लिए किया गया है, ताकि योग्य उम्मीदवार पीजी प्रवेश का लाभ उठा सकें।
अधिकृत काउंसलिंग के माध्यम से प्रवेश
NBEMS ने कहा कि प्रवेश पूरी तरह अधिकृत काउंसलिंग के माध्यम से ही होगा। सीटों का आवंटन इंटर-से मेरिट और उम्मीदवारों की प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और मेरिट आधारित बनी रहे।
IMA ने जताया आभार
इस निर्णय पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को धन्यवाद दिया। IMA ने कहा कि यह कदम मेडिकल शिक्षा और देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगा।
चिकित्सा क्षेत्र में मानव संसाधन को मजबूती
NBEMS का यह कदम चिकित्सा क्षेत्र में मानव संसाधन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे खाली पीजी सीटों का बेहतर उपयोग होगा और आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिल सकता है।
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