नई दिल्ली - देश में महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़ा मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी क्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी पार्टी के सभी सीएम को निर्देश दिए है कि, वह विपक्ष के खिलाफ पारित करें निंदा प्रस्ताव।
विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करें
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद महिला आरक्षण से संबंधित 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026' और परिसीमन प्रक्रिया से जुड़े विधेयक पास न होने के बाद सरकार और विपक्ष एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। इस बीच बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की। मीटिंग में बीजेपी अध्यक्ष ने पार्टी के मुख्यमंत्रियों से कहा कि राज्य विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष के खिलाफ “ निंदा प्रस्ताव “ पारित किया जाना चाहिए।
लोकसभा में पास नहीं हो पाया महिला विधेयक
आपको बता दें कि, संसद में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने वाले संविधान (131वां संशोधन) विधेयक को लोकसभा से पारित होने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी। शुक्रवार को आधी रात तक चली तीखी बहस के बाद, यह विधेयक केवल 298 वोट ही हासिल कर सका, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया।