संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को भी राजनीतिक टकराव थमता नजर नहीं आया। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों के विरोध और नारेबाजी के कारण सदन की कार्रवाई बाधित हो गई। लगातार बढ़ते शोर-शराबे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने विपक्ष के व्यवहार पर कड़ी नाराज़गी जताई और कहा कि संसद चर्चा का मंच है, लेकिन लगातार व्यवधान लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
स्पीकर ने विपक्ष को दी नसीहत
कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी करने लगे। स्थिति सामान्य नहीं होने पर स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि देश संसद से सार्थक चर्चा और सरकार का पक्ष सुनना चाहता है। उन्होंने कहा कि लगातार हंगामा होने से सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है और इससे जनता की अपेक्षाओं पर भी असर पड़ता है।
राज्यसभा में भी दिखा विरोध का असर
लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी विपक्ष ने सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। हालांकि वहां कुछ समय तक कार्यवाही चली, लेकिन हंगामे के कारण उसे भी निर्धारित समय तक स्थगित करना पड़ा। दोनों सदनों में गतिरोध के चलते कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हुए।
FCRA संशोधन विधेयक पर टिकी नजर
आज लोकसभा में फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन (रेगुलेशन) संशोधन विधेयक (FCRA Amendment Bill) पर चर्चा होने की संभावना है। संसदीय सूत्रों के अनुसार, इस बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में सरकार का पक्ष रख सकते हैं। विपक्ष लगातार उनकी मौजूदगी की मांग कर रहा है और इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
FCRA कानून क्या है?
FCRA यानी Foreign Contribution (Regulation) Act ऐसा कानून है जो यह तय करता है कि भारत में कौन-से गैर-सरकारी संगठन (NGO), ट्रस्ट और सामाजिक या धार्मिक संस्थाएं विदेश से आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकती हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि विदेशी फंड का उपयोग निर्धारित नियमों के तहत ही हो और उसका दुरुपयोग न हो। इस कानून का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक हित की रक्षा करना है।
संसद में INDIA ब्लॉक की रणनीति बैठक
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में INDIA गठबंधन के नेताओं की बैठक हुई। बैठक में राहुल गांधी, गौरव गोगोई, केसी वेणुगोपाल समेत कई विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए। बैठक में संसद के भीतर सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा की गई।
आगे क्या?
अब सभी की नजर दोपहर बाद होने वाली लोकसभा की कार्यवाही पर रहेगी। यदि सदन सुचारु रूप से चलता है तो FCRA संशोधन विधेयक पर विस्तृत चर्चा और सरकार की ओर से जवाब देखने को मिल सकता है।