केंद्र सरकार आगामी दिनों में परिसीमन (Delimitation) से जुड़े विधेयक पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। यह विशेष सत्र 16 से 18 अगस्त के बीच आयोजित किया जा सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इस बीच संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मिले किरेन रिजिजू
बुधवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद भवन परिसर में कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि यह बैठक करीब 50 मिनट तक चली, जिसमें संभावित परिसीमन विधेयक और संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। रिजिजू ने कांग्रेस से अपील की कि यदि विशेष सत्र बुलाया जाता है तो वह परिसीमन विधेयक पर चर्चा में सहयोग करे। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस पर तत्काल सहमति नहीं दी गई।
राहुल गांधी ने पहले अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग की
राहुल गांधी ने सरकार से कहा कि विपक्ष पहले उन मुद्दों पर चर्चा चाहता है, जिन्हें वह अधिक महत्वपूर्ण मानता है। इनमें जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी का मामला प्रमुख है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की मांग है कि इन मामलों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में विस्तृत बयान दें और सरकार अपना पक्ष स्पष्ट करे।
संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
इन मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों ने संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित इंडिया गठबंधन के कई सांसदों ने गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है, जबकि सरकार का कहना है कि संसद की कार्यवाही बाधित होने से जनहित के महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सदन की कार्यवाही लगातार प्रभावित
संसद के दोनों सदनों में पिछले कई दिनों से लगातार हंगामे की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले पर चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।
लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी है। इससे कई महत्वपूर्ण विधेयकों और अन्य संसदीय कार्यों पर चर्चा प्रभावित हुई है।
परिसीमन विधेयक पर टिकी राजनीतिक नजरें
यदि सरकार 16 से 18 अगस्त के बीच विशेष सत्र बुलाती है, तो परिसीमन विधेयक राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन सकता है। इस विधेयक पर विभिन्न राजनीतिक दलों के अलग-अलग विचार हैं और इसे लेकर व्यापक बहस होने की संभावना है।
अब सभी की नजर सरकार की आधिकारिक घोषणा और विपक्ष के अगले कदम पर टिकी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि विशेष सत्र आयोजित होता है या नहीं और संसद में किन मुद्दों को प्राथमिकता मिलती है।