बिहार की राजधानी पटना को लेकर बड़ा विजन सामने आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में "बड़े पटना" की नई पहचान ऐतिहासिक नाम पाटलिपुत्र के रूप में स्थापित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, उद्योग, किसानों के हित और बिहार के विकास को लेकर कई बड़े ऐलान भी किए। वहीं अपराधियों को लेकर दिए गए उनके बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
बड़े पटना की नई पहचान होगी 'पाटलिपुत्र'
बुधवार को फुलवारीशरीफ के नदियावां गांव में आयोजित प्रखंड सहयोग सह जनकल्याण शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार राजधानी के विस्तार और आधुनिक विकास की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केवल वर्तमान पटना ही नहीं, बल्कि उसके ऐतिहासिक गौरव को भी नई पहचान दी जानी चाहिए। इसी सोच के तहत बड़े पटना की अवधारणा को "पाटलिपुत्र" नाम से विकसित किया जा रहा है।
नए टाउनशिप बदलेंगे राजधानी की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने इलाकों में बढ़ती समस्याओं को देखते हुए सरकार आधुनिक सुविधाओं से लैस नए टाउनशिप विकसित कर रही है। उन्होंने कंकड़बाग का जिक्र करते हुए कहा कि कभी इसे एशिया का सबसे बड़ा टाउनशिप माना जाता था, लेकिन समय के साथ बुनियादी सुविधियों की चुनौतियां बढ़ीं। सरकार का लक्ष्य है कि नए शहरी क्षेत्रों के विकास के जरिए निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जाए।
अपराधियों को चेतावनी, बोले- बिहार में उनके लिए कोई जगह नहीं
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बिहार में अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि अपराधी अगर भागेंगे तो उन्हें नेपाल का रास्ता पकड़ना पड़ेगा, क्योंकि उत्तर प्रदेश में "योगी बाबा", पश्चिम बंगाल में "दादा" और बिहार में "सम्राट" बैठा है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
किसानों को मिलेगा पहले से ज्यादा मुआवजा
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए भी राहत की बात कही। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही कैबिनेट में ऐसे प्रस्ताव लाएगी, जिनसे किसानों को वर्तमान की तुलना में अधिक मुआवजा मिल सकेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार फैसले लिए जा रहे हैं।
संकट और शादी-विवाह में भी मिलेगी तत्काल मदद
सम्राट चौधरी ने कहा कि अचानक किसी परिवार पर संकट, प्राकृतिक आपदा या शादी-विवाह जैसी जरूरत आने पर जिलाधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। जरूरतमंद परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें मुश्किल परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
बिहार का बजट 6 हजार करोड़ से पहुंचा 3 लाख करोड़ के पार
मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने पहली बार विधानसभा में कदम रखा था, उस समय बिहार का बजट करीब 6 हजार करोड़ रुपये था। आज राज्य का बजट 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है, जिसे उन्होंने बिहार की आर्थिक मजबूती और विकास यात्रा का बड़ा प्रमाण बताया।
महिलाओं की सुरक्षा पर भी सरकार सख्त
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। हाल के मामलों में त्वरित कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विकास, निवेश, रोजगार और सुरक्षा के सहारे बिहार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है और आने वाले वर्षों में राजधानी समेत पूरे राज्य में बड़े बदलाव दिखाई देंगे।