नई दिल्ली: वैश्विक तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद 6 अप्रैल 2026 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। वेस्ट एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भी आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
हर सुबह 6 बजे तय होती हैं कीमतें
देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल-डीजल की कीमतों को अपडेट करती हैं। यह प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की विनिमय दर के आधार पर होती है, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शी और ताजा दरें मिल सकें।
ब्रेंट क्रूड 109 डॉलर के आसपास, फिर भी स्थिरता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 109 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद घरेलू स्तर पर कीमतों को स्थिर रखा गया है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम
देश के अलग-अलग शहरों में 6 अप्रैल को पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार रहीं:
नई दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर रहा।
मुंबई में पेट्रोल 104.21 रुपये और डीजल 92.15 रुपये प्रति लीटर रहा।
कोलकाता में पेट्रोल 103.94 रुपये और डीजल 90.76 रुपये प्रति लीटर रहा।
चेन्नई में पेट्रोल 100.75 रुपये और डीजल 92.34 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया।
हैदराबाद में पेट्रोल 107.46 रुपये और डीजल 95.70 रुपये प्रति लीटर रहा।
पटना में पेट्रोल 105.58 रुपये और डीजल 93.80 रुपये प्रति लीटर दर्ज हुआ।
मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है, वहां संभावित बाधा का खतरा बना हुआ है।
प्राइवेट कंपनियों ने बढ़ाए प्रीमियम ईंधन के दाम
सरकारी कंपनियों ने जहां आम ईंधन की कीमतों को स्थिर रखा है, वहीं निजी कंपनियां जैसे शेल और नायरा एनर्जी ने प्रीमियम पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी की है। बेंगलुरु में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में 7.41 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जल्द बढ़ सकते हैं आम ईंधन के दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें और कमजोर होता रुपया तेल कंपनियों पर दबाव बना रहा है। हालांकि फिलहाल महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए सरकार और कंपनियां आम पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी से बच रही हैं।
2022 से स्थिर हैं कीमतें
गौरतलब है कि मई 2022 में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा टैक्स में कटौती के बाद से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़े बदलाव नहीं हुए हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए भविष्य में कीमतों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।