देश के करोड़ों किसान अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर हैं और उनकी आर्थिक मजबूती के लिए केंद्र सरकार निरंतर प्रयास करती रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना इसी सोच का परिणाम है, जिसके जरिए छोटे और सीमांत किसानों को सीधे आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना न केवल किसानों की जरूरतों को पूरा करती है, बल्कि खेती से जुड़े खर्चों में भी राहत देती है।
हर साल मिलते हैं 6,000 रुपये, सीधे खाते में
इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को हर वर्ष कुल 6,000 रुपये दिए जाते हैं। यह राशि तीन बराबर किस्तों में, यानी हर चार महीने में 2,000 रुपये के रूप में सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। अब तक योजना की 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और देशभर के करोड़ों किसान इसका लाभ उठा चुके हैं।
22वीं किस्त को लेकर क्या है ताजा स्थिति
अब सभी की निगाहें 22वीं किस्त पर टिकी हैं। पिछली किस्तों की समय-सीमा को देखें तो अनुमान लगाया जा रहा है कि अगली किस्त फरवरी महीने में जारी की जा सकती है। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में फरवरी को लेकर मजबूत कयास लगाए जा रहे हैं।
क्या प्रधानमंत्री मोदी करेंगे किस्त जारी
पिछले अनुभवों को देखें तो कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं किस्त जारी कर चुके हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए संभावना जताई जा रही है कि 22वीं किस्त भी प्रधानमंत्री के हाथों फरवरी में जारी की जा सकती है। चूंकि इसी महीने आम बजट भी पेश होता है, इसलिए माना जा रहा है कि बजट से पहले या उसके आसपास यह किस्त किसानों के खातों में आ सकती है।
किस्त अटकने से बचने के लिए जरूरी औपचारिकताए
कई किसानों की किस्त सिर्फ इसलिए रुक जाती है क्योंकि उन्होंने जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं की होतीं। सबसे महत्वपूर्ण है e-KYC, जिसे पूरा करना अनिवार्य है। जिन किसानों ने अभी तक e-KYC नहीं करवाई है, उन्हें किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा बैंक खाते का आधार से लिंक होना भी जरूरी है, क्योंकि आधार लिंक न होने पर भुगतान फेल हो सकता है।
गलत जानकारी भी बन सकती है परेशानी
रजिस्ट्रेशन के समय दी गई जानकारी अगर गलत है, जैसे नाम में त्रुटि, आधार नंबर, बैंक डिटेल या जमीन से जुड़ा विवरण, तो भी किस्त अटक सकती है। इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने विवरण की एक बार अच्छी तरह जांच कर लें और जरूरत पड़ने पर समय रहते सुधार करवा लें।
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