महाराष्ट्र - महाराष्ट्र की राजनीति में बागी सांसदों को लेकर जारी चर्चाओं के बीच पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी और उसके नेतृत्व के खिलाफ जाने वाले सांसदों को जनता के भरोसे का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि उन्हें सांसद बनाने में मतदाताओं की बड़ी भूमिका ही है।
ये वोट उद्धव ठाकरे के नाम पर मिले थे
पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि पार्टी ने जिस तरह का संघर्ष किया, उसमें पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह दूसरी तरफ चला गया, लेकिन जनता ने फिर भी उद्धव ठाकरे पर भरोसा जताया और उनके नाम पर सांसदों को चुना। उन्होंने कहा कि अगर किसी सांसद का भरोसा पार्टी से उठ गया है तो उसे पद छोड़ देना चाहिए। उनके मुताबिक ऐसा करना लोकतांत्रिक नैतिकता का तकाजा है, अन्यथा यह जनता के साथ धोखा माना जाएगा।
स्पीकर को लिखा गया पत्र
शिवसेना UBT नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने इस बयान में आगे यह भी बताया कि पार्टी ने इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजा है। प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा कि स्पीकर किसी एक दल के नहीं बल्कि पूरे सदन के होते हैं और उनसे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है।
व्हिप उल्लंघन पर अयोग्यता की चेतावनी
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि पार्टी ने संबंधित सांसदों को व्हिप जारी किया है और जो भी सांसद व्हिप का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिन छह सांसदों के नाम चर्चा में हैं, वे इस बात को समझेंगे कि पार्टी लाइन से अलग जाने की स्थिति में उनकी सदस्यता पर भी खतरा पैदा हो सकता है।
18 जून की बैठक पर सबकी नजर
उन्होंने कहा कि अभी तक कथित बागी सांसदों की कोई तस्वीर या आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन पार्टी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। 18 जून को होने वाली बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में उत्सुकता बनी हुई है, क्योंकि इससे शिवसेना UBT की आगे की रणनीति स्पष्ट हो सकती है।