तिरुवनंतपुरम - सबरीमाला मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम लागू किया जाएगा। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) ने इस पहल को ‘विज़न सबरीमाला’ प्रोजेक्ट के तहत आगे बढ़ाया है, जिसे केरल हाई कोर्ट से भी मंजूरी मिल चुकी है।
AI से होगा भीड़ और सुरक्षा का रियल-टाइम मैनेजमेंट
TDB अध्यक्ष के. जयकुमार के अनुसार यह सिस्टम कई आधुनिक तकनीकों का मिश्रण होगा। इसमें हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे, इन्फ्रारेड सेंसर, ड्रोन और GPS मैपिंग के जरिए पूरे मंदिर परिसर और रास्तों पर नजर रखी जाएगी। AI सिस्टम भीड़ बढ़ने से पहले ही उसका अनुमान लगाकर प्रशासन को अलर्ट भेजेगा। इस तकनीक के जरिए श्रद्धालुओं को भी रियल-टाइम जानकारी मिलेगी कि किस मार्ग पर कितनी भीड़ है और दर्शन के लिए कितना इंतजार करना पड़ सकता है। यह सिस्टम बिल्कुल गूगल मैप्स की तरह काम करेगा और यात्रियों को सुरक्षित व बेहतर मार्ग सुझाएगा।
लापता लोगों की तुरंत होगी पहचान
सुरक्षा के लिए फेशियल रिकग्निशन तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। अगर कोई बच्चा या बुजुर्ग भीड़ में लापता हो जाता है तो कैमरा नेटवर्क में तस्वीर अपलोड करते ही उसे मिनटों में ट्रैक किया जा सकेगा। यह सिस्टम संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान में भी पुलिस की मदद करेगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस AI सिस्टम के लागू होने से हर साल बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती पर निर्भरता कम होगी। साथ ही हर सीजन में अधिकारियों के बदलने के बावजूद भीड़ प्रबंधन एक समान और व्यवस्थित रहेगा।
अगस्त तक पूरा होगा शुरुआती काम
TDB ने बताया कि परियोजना पर अंतिम चरण की चर्चा चल रही है और जल्द ही इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लक्ष्य है कि अगस्त तक सभी तकनीकी और प्रारंभिक प्रक्रियाएं पूरी कर इसे लागू कर दिया जाए।‘क्लीन सबरीमला, ग्रीन सबरीमला’ अभियान के तहत मंदिर परिसर को प्लास्टिक-मुक्त बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। दुकानों और सेवाओं के टेंडर में कचरा प्रबंधन की शर्तें अनिवार्य होंगी।
पड़ोसी राज्यों में जागरूकता अभियान
चूंकि हर साल लाखों श्रद्धालु दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों से यहां आते हैं, इसलिए आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में स्थानीय भाषाओं में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह पहल भारत में धार्मिक स्थलों के डिजिटल और स्मार्ट मैनेजमेंट की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे सुरक्षा, सुविधा और पर्यावरण—तीनों क्षेत्रों में सुधार की उम्मीद है।